डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
जेसीबी से मकान तोड़ने और जान से मारने की धमकी देने का मामला, कार्रवाई में देरी पर उठाए सवाल
शहपुरा। थाना क्षेत्र में जेसीबी मशीन से मकान तोड़ने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में एफआईआर दर्ज होने के छह माह से अधिक समय बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। मामले के पीड़ित मुकेश नामदेव ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के नाम आवेदन सौंपकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित के अनुसार घटना 14 फरवरी 2026 की रात की है। आरोप है कि गोपाल साहू, देवी साहू, धर्मेंद्र सहित अन्य लोगों ने जेसीबी मशीन का उपयोग कर उसके मकान को तोड़ दिया था। पीड़ित का आरोप है कि जब उसने इसका विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद शिकायत पर शहपुरा थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
छह माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर सवाल
पीड़ित का कहना है कि एफआईआर दर्ज हुए छह माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई। ऐसे में उसने पुलिस की कार्रवाई में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई अब तक क्यों नहीं हो सकी।
पीड़ित ने अपने आवेदन में आशंका जताई है कि कार्रवाई में देरी होने से आरोपी मामले से जुड़े साक्ष्यों को प्रभावित कर सकते हैं अथवा उस पर और उसके परिवार पर दबाव बनाने का प्रयास कर सकते हैं। उसका कहना है कि घटना के बाद से परिवार में भय का माहौल बना हुआ है। वहीं मकान क्षतिग्रस्त होने से उसे आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है।
एसपी से हस्तक्षेप की मांग
मुकेश नामदेव ने पुलिस अधीक्षक से मामले में हस्तक्षेप करते हुए शहपुरा थाना प्रभारी को आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है। जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक आशीष खरे ने आवेदन को संज्ञान में लेते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अब पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी। छह माह से गिरफ्तारी का इंतजार कर रहे पीड़ित को कब तक राहत मिलती है और मामले में पुलिस आगे क्या कार्रवाई करती है, यह देखना होगा।
