अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर पूर्व) आलोक शर्मा ने पुलिस कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण कर प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का लिया जायजा, प्रशिक्षु आरक्षकों का किया मार्गदर्शन

आगामी सिंहस्थ-2028 के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को दृष्टिगत रखते हुए उज्जैन पुलिस द्वारा नवीन प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके लगभग 400 आरक्षकों को विशेष व्यवहारिक एवं फील्ड प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य आरक्षकों को सिंहस्थ के दौरान कानून-व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, संचार व्यवस्था एवं आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करने हेतु दक्ष बनाना है।

 

प्रशिक्षण के अंतर्गत आरक्षकों को विभिन्न इकाइयों में विभाजित कर संबंधित शाखाओं में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में 30 आरक्षक पुलिस कंट्रोल रूम, 70 आरक्षक थाना महाकाल एवं 30 आरक्षक काल भैरव मंदिर व्यवस्था हेतु थाना भैरवगढ़ में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

पुलिस कंट्रोल रूम में पदस्थ प्रशिक्षु आरक्षकों को सीसीटीवी मॉनिटरिंग, वायरलेस संचार प्रणाली का संचालन, डायल-112 आपातकालीन सेवा, टेलीफोन ड्यूटी, सूचना प्राप्ति एवं त्वरित संप्रेषण सहित कंट्रोल रूम की संपूर्ण कार्यप्रणाली का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

 

इसी प्रकार महाकाल मंदिर एवं काल भैरव मंदिर में पदस्थ आरक्षकों को श्रद्धालुओं की भीड़ के दौरान भीड़ प्रबंधन, फिक्स्ड प्वाइंट ड्यूटी, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन, वीआईपी ड्यूटी एवं अन्य आवश्यक पुलिस व्यवस्थाओं का प्रशिक्षण वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कराया जा रहा है।

 

इसी क्रम में आज दिनांक को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर पूर्व) श्री आलोक शर्मा द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली का अवलोकन कर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आरक्षकों को दी जा रही सीसीटीवी मॉनिटरिंग, वायरलेस संचालन, टेलीफोन ड्यूटी एवं डायल-112 संचालन संबंधी प्रशिक्षण की समीक्षा की।

 

तथा आरक्षकों से संवाद स्थापित कर कंट्रोल रूम संचालन, त्वरित सूचना संप्रेषण, आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया, अनुशासन, सतर्कता एवं आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही आगामी सिंहस्थ के दृष्टिगत पुलिस की भूमिका, सेवा भावना एवं प्रशिक्षण की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए सभी आरक्षकों को प्रशिक्षण को गंभीरता एवं पूर्ण समर्पण के साथ ग्रहण करने हेतु प्रेरित किया गया।

 

उज्जैन पुलिस द्वारा आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत इस प्रकार के व्यवहारिक एवं फील्ड आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे प्रत्येक पुलिसकर्मी आधुनिक पुलिसिंग, तकनीकी संसाधनों एवं भीड़ प्रबंधन की कार्यप्रणाली में दक्ष होकर अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर सके।*

उज्जैन से जिला ब्यूरो रिंकू सोगानी

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