गरियाबंद सहित ग्रामीण अंचलों में दशहरा उत्सव की धूम, ग्राम हरदी में शीतला मंदिर प्रांगण एवं रैनी भाठा में हुआ रावण वध

गरियाबंद। असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक महापर्व विजया दशमी गरियाबंद सहित ग्रामीण अंचलों में हर्षोल्लास एवं पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर रावण के प्रतीकात्मक पुतले का दहन किया गया। रावण दहन के साथ ही पूरा वातावरण उत्सवमय हो उठा और लोगों ने सत्य, धर्म एवं सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश ग्रहण किया।

इसी कड़ी में ग्राम हरदी में भी दशहरा पर्व की विशेष धूम देखने को मिली। ग्राम हरदी के शीतला मंदिर प्रांगण एवं रैनी भाठा में रावण वध का आयोजन किया गया, जहां धार्मिक उत्साह और परंपरागत उल्लास के बीच बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीकात्मक संदेश दिया गया। गांव में दशहरा उत्सव को लेकर उत्साह का माहौल रहा।

दशहरा पर्व भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि अहंकार, अन्याय और अधर्म चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, उनका अंत निश्चित है। भगवान श्रीराम द्वारा रावण वध की परंपरा हमें सत्य, मर्यादा, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।

रावण दहन का संदेश स्पष्ट है—अहंकार का अंत और सत्य की विजय ही जीवन का शाश्वत सत्य है। गरियाबंद से लेकर गांवों तक दशहरा पर्व ने सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्था की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत की।

रिपोर्ट नेहरू साहू जिला ब्यूरो गरियाबंद

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