रायपुर प्रेस क्लब में फायरिंग से हड़कंप, आखिर किसकी शह पर निकली पिस्टल? घटना के पीछे किसका हाथ, उठे गंभीर सवाल।
पत्रकारों के संस्थान में सरेशाम हवाई फायरिंग, पदाधिकारियों को धमकाने का आरोप; आरोपी गिरफ्तार, अब घटना के पीछे की पूरी कहानी सामने लाने की चुनौती।
रायपुर। राजधानी रायपुर के प्रेस क्लब परिसर में हुई फायरिंग की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और घटना के पीछे की परिस्थितियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार शाम हुई इस घटना में पलाश तिवारी पर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों पर पिस्टल तानने, हवाई फायरिंग करने और धमकाने के आरोप लगे हैं। शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी द्वारा पुलिस को दिए गए आवेदन के मुताबिक, 24 अक्टूबर की शाम परिसर में अचानक हुए घटनाक्रम के दौरान पिस्टल से हवाई फायरिंग की गई। उस समय प्रेस क्लब में पत्रकारों, कर्मचारियों और अन्य लोगों की आवाजाही थी। गोली चलने की घटना से परिसर में दहशत का माहौल बन गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई की।
प्रेस क्लब में ही क्यों निकली पिस्टल, क्या है घटना की असली वजह?
यह घटना कई सवाल छोड़ गई है। आखिर प्रेस क्लब परिसर में ऐसी स्थिति कैसे बनी कि विवाद के दौरान पिस्टल निकालने और हवाई फायरिंग तक की नौबत आ गई? क्या घटना अचानक हुई या इसके पीछे पहले से चला आ रहा कोई विवाद था? क्या आरोपी के इस कदम के पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका या उकसावा था?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आरोपी ने यह कदम अकेले उठाया, या पर्दे के पीछे कोई और भी है? फिलहाल किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि करने वाली जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में इन सवालों का जवाब पुलिस जांच से ही सामने आ सकता है।
पुलिस जांच में सामने आना चाहिए पूरा सच।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब घटना की पृष्ठभूमि की निष्पक्ष जांच जरूरी है। पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि इस्तेमाल की गई पिस्टल कहां से आई, उसका लाइसेंस है या नहीं, घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने आरोपी को उकसाया या सहयोग किया था।
प्रेस क्लब पत्रकारों का महत्वपूर्ण संस्थान है। ऐसे परिसर में गोली चलने की घटना को सामान्य नहीं माना जा सकता। मामले में केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि घटना के पीछे की वास्तविक वजह और यदि कोई अन्य व्यक्ति इसमें शामिल था तो उसकी भूमिका भी सामने आनी चाहिए।
अब सवाल सीधे हैं—प्रेस क्लब में फायरिंग क्यों हुई, इसकी नौबत कैसे आई और क्या इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कोई और भी है? इन सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
रिपोर्टर: मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़







