दुर्ग
छत्तीसगढ़ महिला आयोग की पहल से थमा 10 साल पुराना पारिवारिक विवाद
गुरमीत कौर धनई के कुशल नेतृत्व से सुलझा मामला
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और कुशल मध्यस्थता का परिचय दिया है। आयोग की तत्परता से दुर्ग जिले के ग्राम मतंग (पाटन) में पिछले एक दशक से चला आ रहा भाई-बहन का जमीनी विवाद आखिरकार प्रेमपूर्ण तरीके से सुलझ गया।
10 साल की कड़वाहट, एक सफल मध्यस्थता
महिला आयोग की चेयरपर्सन के निर्देश पर गुरमीत कौर धनई के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी, जिसमें सुनीता वोरा और रतना नारंगदेव शामिल थीं। टीम ने मौके पर जाकर दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। गुरमीत कौर धनई की सूझबूझ और धैर्यपूर्ण बातचीत ने उस विवाद को खत्म कर दिया जो 10 वर्षों से कानूनी और सामाजिक उलझनों में फंसा था। आपसी सहमति के बाद बहन को जमीन में उसका वाजिब हक दिलाया गया।
प्रशासनिक तालमेल ने बनाया काम
इस जटिल मामले को सुलझाने में उतई पुलिस और सखी वन स्टॉप सेंटर की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय के कारण ही बिना किसी टकराव के शांतिपूर्ण समाधान संभव हो सका।
एसएसपी ने सराहा, आयोग ने उठाई लंबित मामलों की मांग
दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि परिवार में सामंजस्य स्थापित होना समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है।
वहीं, सफलता के बाद गुरमीत कौर धनई ने प्रशासन से एक अहम अपील की:
“प्रदेश में ऐसे कई प्रकरण हैं जो आदेश के बावजूद लंबित हैं। महिलाओं को समय पर न्याय दिलाने के लिए यह जरूरी है कि पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर उनका त्वरित क्रियान्वयन किया जाए।”
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
स्थान: ग्राम मतंग, पाटन (दुर्ग)।
विवाद: भाई-बहन के बीच 10 साल पुराना जमीनी विवाद।
महिला आयोग की टीम (गुरमीत कौर धनई, सुनीता वोरा, रतना नारंगदेव) द्वारा आपसी समझौता।
सहयोग: उतई पुलिस और सखी वन स्टॉप सेंटर।
रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव

