राष्ट्रीय रामायण मेला प्रयागराज, सनातन धर्म ध्वज वाहक
मनोज पांडेय
प्रयागराज। राष्ट्रीय रामायण मेला समिति के तत्वावधान में आयोजित होने वाले प्रतिवर्ष चतुर्दिवसीय आयोजन का शुभारम्भ 31 दिसम्बर 25 को मोक्षदायिनी माँ गंगा के विधिविधान पूजन -आरती से प्रारम्भ हुआ। दिनांक 7 जनवरी 2026 से 9 जनवरी 2026 तक श्री रामलीला कमेटी, कटरा के विशाल प्रांगण में राष्ट्रीय रामायण मेला का भव्य आयोजन समायोजित है। दिनांक 7 जनवरी को अपरान्ह 12 बजे जगद्गुरु स्वामी शंकराचार्य वासुदेवानन्द सरस्वती के शुभाशीर्वचन से राष्ट्रीय रामायण मेला का मंगलमय उद्घाटन होगा। उद्घाटन दिवस में समिति द्वारा आयोजित सांस्कृतिक प्रतियोगिता में प्रयागराज के युवा एवं छात्र-छात्रायें अपने आध्यात्मिक भजनों, गीतों एवं मानस पर आधारित लघुनृत्य नाटिका की प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को राममय बना देंगे। प्रतियोगिता को प्रयागराज के समृद्ध भजन एवं संगीत के मर्मज्ञ निर्णायक होंगे।
राष्ट्रीय रामायण मेला के द्वितीय दिवस 8 जनवरी 2026 को रामलीला कमेटी, कटरा के पावन प्रांगण में ही आयोजित अपरान्ह 12 बजे से रामायण पर आधारित मानस-प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रयागराज के विद्यालयों के छात्र-छात्राओ द्वारा प्रतिभाग कर ज्ञान-विज्ञान की गंगा का निर्मल प्रवाह होगा। इसी आध्यात्मिक ज्ञानगंगा के प्रवाह की श्रृंखला में अपरान्ह 3 बजे से विशाल सन्त समागम एवं मानस पर आधारित शोध एवं विद्वत् गोष्ठी का आयोजन होगा। सायंकाल विशाल कविसम्मेलन का कार्यक्रम सम्पन्न होगा। जिसमें राष्ट्रीय स्तर के कवि शिरकत करेंगे। राष्ट्रीय रामायण मेला के तृतीय दिवस 9 जनवरी को पूर्वान्ह 11 बजे से मानस पर आधारित अन्त्याक्षरी प्रतियोगिता सम्पन्न होगी। जिसमें प्रयागराज जनपद के विद्यालयों के छात्र-छात्रायें प्रतिभाग करेंगे। मानस पर आधारित यह प्रतियोगिता, जिसमें चौपाई, छन्द, दोहा, सोरठा एवं श्लोक द्वारा संचालित होती है, युवाओं के अद्भुत ज्ञान का परिचय देखने को प्राप्त होता है। 9 जनवरी को अपरान्ह 1 बजे से विशाल सम्मान प्रतिपूर्ति समारोह सम्पन्न होना सुनिश्चित है। जिसमें धार्मिक, सामाजिक, शैक्षिक, आध्यात्मिक एवं राष्ट्र-सेवा जैसे क्षेत्रों में समर्पित महानुभावों को सम्मानित किया जायेगा, एवं नवाचार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी सम्मानित किया जायेगा एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर सफल छात्र-छात्राओ को भी पुरस्कृत किया जायेगा। समिति के सांस्कृतिक सचिव सतीश कुमार गुप्त ने बताया कि यह आयोजन समाज में रामायण, श्रीरामचरितमानस जैसे ग्रन्थों के आदर्श जीवनशैली के प्रति अपनी प्रतिबद्घता को संकल्पित करने का सफल प्रयास सिद्ध होगा।

