चैतन्य बघेल को जमानत: रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर उमड़ी कांग्रेसियों की भारी भीड़, भव्य स्वागत की तैयारी
रायपुर/बिलासपुर:
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को बिलासपुर हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिलने के बाद आज उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस अवसर पर रायपुर की केंद्रीय जेल के बाहर सुबह से ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा है।
प्रमुख बिंदु और जेल के बाहर का माहौल:
कार्यकर्ताओं का सैलाब: जैसे ही चैतन्य बघेल की जमानत की खबर फैली, प्रदेश भर से कांग्रेस कार्यकर्ता रायपुर पहुंचने लगे। जेल परिसर के बाहर ‘सत्यमेव जयते’ और ‘भूपेश बघेल जिंदाबाद’ के नारे गूंज रहे हैं।
ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत: समर्थकों की भीड़ ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ अपने नेता के पुत्र का स्वागत करने के लिए तैयार खड़ी है। सुरक्षा के मद्देनजर जेल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
भावुक क्षण: कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति की रिहाई नहीं, बल्कि राजनीतिक षडयंत्र के खिलाफ न्याय की जीत है। 170 दिनों के लंबे इंतजार के बाद कार्यकर्ताओं में भारी जोश देखा जा रहा है।
कोर्ट का फैसला और रिहाई का संयोग:
जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की बेंच ने शुक्रवार को ED और EOW दोनों मामलों में जमानत दी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान जांच एजेंसियों की कुछ प्रक्रियाओं पर सवाल भी उठाए।
एक अद्भुत संयोग: चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन (18 जुलाई) पर गिरफ्तार किया गया था, और आज उनकी रिहाई उनके पुत्र के जन्मदिन के विशेष अवसर पर हो रही है, जिससे बघेल परिवार और समर्थकों में दोहरी खुशी है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस जीत का श्रेय न्यायपालिका और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अटूट विश्वास को दिया है। उन्होंने कहा कि “हजारों कार्यकर्ताओं का प्यार और दुआएं ही हमारी असली ताकत हैं।”
रिपोर्ट :मयंक श्रीवास्तव

