ब्रह्मसमाज सेवा समिति का वार्षिक कार्यक्रम स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न
मनोज पांडे
प्रयागराज, झूसी। वैश्विक हिन्दी महासभा एवं ब्रह्मसमाज सेवा समिति, प्रतिष्ठानपुर (झूसी), प्रयागराज का वार्षिक अधिवेशन महंत
स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी (कैवल्यधाम टीकरमाफी) के मुख्य आतिथ्य, सुदर्शनशरण महाराज (परशुराम अखाड़ा) स्वामी कृष्णानन्द (कैलाश धाम), महान्त घनश्याम दास (रामजानकी मठ) के विशिष्ट आतिथ्य एवं डॉ० विनय कुमार पाण्डेय, डॉ० रामशंकर द्विवेदी, सुरेश कुमार तिवारी (निदेशक-सेन्ट्रल एकेडमी), अशोक कुमार पाठक (अध्यक्ष-सनातन एकता मिशन) के विशेष आतिथ्य में स्थानीय गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान के विशाल सभागार में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार एवं संस्थाध्यक्ष – डॉ० बिजेन्द्र तिवारी ‘विजयानन्द’ (अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष- वैश्विक हिन्दी महासभा) ने की।
अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि – ब्राह्मणों को एक करना कठिन है, लेकिन आज उसकी जरूरत है। विशेष अतिथि स्वामी कृष्णानंद ने वैदिक काल से लेकर अब तक के ब्राह्मणों के त्याग को रेखांकित किया। परशुरामाचार्य सुदर्शनशरण महाराज ने राम कथा के संदर्भ को भगवान परशुराम से जोड़ते हुए अपने विचार रखें। स्वामी घनश्याम दास ने कहा कि अपनी संस्कृति, अपनी भाषा और संस्कारों को ब्राह्मण ही बचा सकते हैं। सुरेश कुमार तिवारी ने बताया कि ‘ब्राह्मण को धन केवल शिक्षा’ आज के समय में बहुत महत्वपूर्ण है। अशोक कुमार पाठक ने आज के युग में ब्राह्मणों पर हो रहे अत्याचारों के निमित्त गीता और संस्कार को नई पीढ़ी में ढ़ालने पर बल दिया।
अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में डॉ०विजयानन्द ने कहा कि मातृभाषा का सम्मान, व्यक्ति की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए और ब्राह्मण को हर वर्ग का नेतृत्व करने हेतु नई पीढ़ी में संस्कारों का सूत्रपात करना चाहिए। महामंत्री अभय नारायण तिवारी ने संस्था का परिचय दिया और अशोक तिवारी ने वार्षिक आय-व्यय प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में ब्रह्मसमाज स्मारिका का लोकार्पण हुआ तथा पांच वयोवृद्धों, बीस आजीवन सदस्यों, पांच चर्चित पत्रकारों, 25 पूर्व तथा वर्तमान कार्यकारिणी पदाधिकारियों एवं अस्सी प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं का सम्मान भी हुआ।
कार्यक्रम में विजय नारायण पांडेय, कृष्णमोहन तिवारी, अवधनारायण मिश्र, अशोक तिवारी, ज्योतिशंकर चौबे, इंद्रमणि मिश्र, शशिकांत पांडे, प्रमोदकुमार त्रिपाठी, आनंद कुमार त्रिपाठी, विश्वकर्मा उपाध्याय, अशोक कुमार शुक्ल, कमलाकांत शुक्ल, ताराशंकर उपाध्याय, बैकुंठनाथ दुबे, राजेश पांडे, प्रभाकर द्विवेदी, दीपक पांडे, सभापति तिवारी, शंकरदेव त्रिपाठी, डॉ०सियाराम त्रिपाठी, डॉ० झुन्नु चौबे, अनिरुद्ध ओझा, श्रीराम पांडे, शैलेंद्र चौधरी, शशि भूषण झा, जयप्रकाश तिवारी आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही तथा कार्यक्रम कुशल संचालन रमेश त्रिपाठी वेश ने किया।

