मंदसौर -: 30 जून 25/ मध्यप्रदेश सरकार की मंशानुसार, प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून 2025 तक “जलगंगा संवर्धन अभियान” चलाया गया। जिले में यह अभियान लगातार चला, जिसका परिणाम अब दिखने लगा। इस अभियान के माध्यम से प्रदेशभर के जलस्रोतों को पुनर्जीवित कर जल संवर्धन को जन आंदोलन का स्वरूप दिया गया। जिले ने इसी अभियान में भागीदारी कर वह कर दिखाया, जो वर्षों से केवल एक सपना था। जो तालाब कभी सूखा हुआ करता था, अब वो जल से भरा हुआ है।
जनप्रतिनिधि, प्रशासन, जन अभियान परिषद और ग्रामवासियों के साझा प्रयासों से तस्वीर बदल गई है। गांवों के तालाब गंदगी, झाड़ियों और प्लास्टिक कचरे के कारण उपयोगहीन हो गए थे। लेकिन जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ग्राम पंचायत के नेतृत्व और ग्रामीणों की भागीदारी ने इन तालाबों की तकदीर बदल दी है।
विभागों की तकनीकी टीमों ने पहले तालाब के आवश्यक सुधार बिंदु तय किए। इसके बाद प्राकृतिक नालों की सफाई कर वर्षा जल को तालाब की ओर मोड़ा गया। तालाब की खुदाई कर उसकी गहराई और जल संग्रहण क्षमता बढ़ाई गई। ग्रामवासियों ने भी श्रमदान कर सफाई और निर्माण में पूर्ण योगदान दिया।
जलभराव से आम जन जीवन लाभान्वित हुआ
तालाबों के जलभराव से आम जन जीवन बहुत लाभान्वित हुआ है। सूखा और गंदगी से पटा तालाब में अब पानी भरने लगा है। हैंडपंप व कुएँ भी रीचार्ज होंगे। और भूजल स्तर में सुधार के स्पष्ट संकेत दिख रहे हैं। जिससे किसान भी प्रसन्न हैं।
रिपोर्टर -: जीतेन्द्र सिंह प्रितेश फरक्या
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