शहडोल मध्यप्रदेश

शहडोल: जिले के सोहागपुर क्षेत्र में भ्रष्टाचार और मनमानी का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। अपनी पैतृक जमीन के सीमांकन के लिए दर-दर भटक रही एक महिला ने राजस्व निरीक्षक (RI) और पटवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने संभाग आयुक्त को लिखित शिकायत सौंपकर इन भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

50 हजार की रिश्वत

सरिता वर्मन (निवासी वार्ड नं.-39, पुरानी बस्ती) का आरोप है कि ग्राम गोरतरा स्थित उनकी पैतृक भूमि (खसरा नं. 579/1) के सीमांकन के लिए उन्होंने 19 नवंबर 2025 को आवेदन दिया था। तहसीलदार द्वारा टीम गठित करने के बावजूद, राजस्व निरीक्षक भास्कर दत्त गौतम और हल्का पटवारी विपुल सिंह ने सीमांकन नहीं किया। पीड़िता का आरोप है कि सीमांकन के बदले इन कर्मचारियों ने 50,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

जनसुनवाई के बाद भी नहीं पसीजे अधिकारी भीषण गर्मी में प्रताड़ना

रिश्वत न देने पर पीड़िता को लगातार प्रताड़ित किया गया। 28 अप्रैल 2026 को जनसुनवाई में शिकायत के बाद, 2 मई 2026 को सीमांकन का समय तय किया गया था। पीड़िता और उनके पति भीषण गर्मी में पूरे दिन मौके पर इंतजार करते रहे, लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जब पटवारी को फोन किया गया तो उन्होंने उल्टा जवाब दिया कि रिपोर्ट बना ली गई है, लेकिन किसी भी जानकारी का खुलासा करने से इनकार कर दिया।

भूमाफियाओं के हौसले बुलंद

पीड़िता का आरोप है कि जानबूझकर सीमांकन न किए जाने के कारण भू-माफिया उनकी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे वे दिन-रात मानसिक प्रताड़ना से गुजर रही हैं।

अब सवाल यह उठता है कि: क्या संभाग आयुक्त इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर इन भ्रष्ट और लापरवाह अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई करेंगे, या एक आम नागरिक को अपने ही हक के लिए इसी तरह सिस्टम के आगे झुकना पड़ेगा?

अजय पाल

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