मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ की अध्यक्षता में NCORD राज्य स्तरीय बैठक सम्पन्न, मेडिकल स्टोर्स में NDPS एवं NRx दवाओं की निगरानी के लिए अंदर-बाहर कैमरा लगाना जरूरी
मनेंद्रगढ़ – एमसीबी जिले में नशीली एवं मनःप्रभावी औषधियों के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सभी रिटेल (फुटकर) एवं होलसेल (थोक) दवा दुकानों/एजेंसियों में अनिवार्य रूप से CCTV कैमरा स्थापित करने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन की अध्यक्षता में 04 मई 2026 को आयोजित NCORD (नेशनल नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन) की राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के परिपालन में यह कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
बैठक में सभी विभाग प्रमुखों, कलेक्टरों एवं जिला दण्डाधिकारियों को स्वापक एवं मनःप्रभावी औषधियों (NDPS), NRx श्रेणी की दवाओं तथा अन्य औषधियों की सतत निगरानी एवं दुरुपयोग रोकने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स, दवा दुकानों एवं एजेंसियों को अपने प्रतिष्ठानों के अंदर एवं बाहर CCTV कैमरा स्थापित करना अनिवार्य किया गया है।
जिला प्रशासन ने बताया कि पूर्व में भी दवा दुकानों को CCTV कैमरा लगाने हेतु निर्देशित किया गया था, किंतु निरीक्षण में यह पाया गया कि कई दुकानों में कैमरे या तो लगाए नहीं गए हैं अथवा बंद स्थिति में हैं। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अब एक सप्ताह की अंतिम समय-सीमा निर्धारित की गई है।
निर्देशानुसार सभी दवा दुकान संचालकों को आगामी एक सप्ताह के भीतर अपने प्रतिष्ठानों में CCTV कैमरा स्थापित कर उसे चालू स्थिति में रखना होगा। समय-सीमा समाप्त होने के पश्चात जिला एवं ब्लॉक स्तर पर उड़नदस्ता दल गठित कर सघन निरीक्षण अभियान प्रारंभ किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान जिन प्रतिष्ठानों में CCTV कैमरा स्थापित नहीं पाया जाएगा या कैमरे चालू नहीं होंगे, उनके विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 एवं नियमावली 1945 के तहत वैधानिक कार्रवाई, लाइसेंस संबंधी दंडात्मक प्रक्रिया एवं आवश्यक होने पर सीलबंदी की कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए संबंधित संचालक स्वयं जिम्मेदार होंगे।
जिला प्रशासन ने जिले के सभी दवा व्यवसायियों से शासन के निर्देशों का गंभीरता से पालन करने की अपील करते हुए कहा है कि यह व्यवस्था जिले में औषधियों के सुरक्षित वितरण, नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर नियंत्रण तथा समाजहित में प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

