जनदर्शन में पहुंचे 18 मामले भूमि विवाद से लेकर अतिक्रमण व किरायेदार तक उठे मुद्दे, अपर कलेक्टर ने दिए त्वरित समाधान के निर्देश
एमसीबी/05 मई 2026/ कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशन में कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आज जिलेभर से पहुंचे नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और उनके त्वरित निराकरण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की गई। जनदर्शन की सुनवाई कलेक्टर अनिल कुमार सिदार ने की, उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से आए आवेदकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनते हुए संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए।
आज आयोजित जनदर्शन में कुल 18 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें भूमि विवाद, नाम सुधार, अतिक्रमण, निर्माण कार्य रोकने, शिकायतों पर कार्रवाई न होने, पट्टा संबंधी मामले, किरायेदार विवाद तथा पेड़ कटाई अनुमति जैसे महत्वपूर्ण विषय प्रमुख रूप से सामने आए। जनदर्शन में बिछियाटोला निवासी दीपनारायण ने पट्टा जारी होने के बावजूद तीन वर्षों से नाम सुधार न होने की समस्या उठाई। वहीं पोंडी निवासी अजमेर सिंह ने पट्टे की भूमि पर हो रहे सड़क निर्माण को रोकने की मांग की। चिरमिरी के शिक्षक आशीष सिंह चौहान ने किरायेदार द्वारा मकान पर कब्जा करने की शिकायत दर्ज कराई। साल्हि के राम सिंह एवं केवल सिंह ने भूमि संबंधी विवादों को प्रशासन के समक्ष रखा। मनेन्द्रगढ़ के नईम खान ने शिकायतों को दबाए जाने का आरोप लगाते हुए जानकारी मांगी, जबकि नागपुर क्षेत्र के वार्डवासियों ने पोल्ट्री फार्म निर्माण पर रोक लगाने की मांग प्रस्तुत की। देवाडांड निवासी चंद्रप्रताप ने संबंधित पटवारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की, वहीं हस्तिनापुर के शोभित सिंह ने अपनी भूमि पर स्थित सागौन वृक्षों की कटाई अनुमति हेतु आवेदन प्रस्तुत किया।
अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन का सूक्ष्म परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों में निष्पक्षता, जवाबदेही एवं पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक भटकाव का सामना न करना पड़े और उन्हें समय पर न्याय मिल सके। जनदर्शन कार्यक्रम एक बार फिर प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का प्रभावी मंच साबित हुआ, जहां लोगों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनके समाधान की दिशा में ठोस पहल की गई। यह पहल सुशासन, जनविश्वास एवं जवाबदेह प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

