जिले के सुदूर और संवेदनशील क्षेत्रों में जनविश्वास और विकास की नई बयार बह रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने कोन्टा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले चिंतागुफा, डब्बाकोन्टा, रामाराम और भेज्जी जैसे अति-संवेदनशील ग्रामीण पंचायतों का सघन दौरा किया। इस दौरान उनके साथ जिला पंचायत के सीईओ मुकुंद ठाकुर तथा डीएफओ आकाश भोंसले भी मौजूद रहे।
‘नियद दुवड़ ते’ (आपके द्वार) योजना के तहत पहुंचे इस संयुक्त प्रशासनिक दल ने किसी औपचारिकता के बिना ग्रामीणों के बीच चटाई पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने गांवों में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। एक समय भय के साये में रहने वाले इन इलाकों में अब ग्रामीण बेझिझक शासन-प्रशासन के सामने अपनी मांगें और सुझाव रख रहे हैं।
कलेक्टर अमित कुमार एवं एसपी मयंक गुर्जर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और क्षेत्र में सुरक्षा, विश्वास व विकास का माहौल कायम रखना ही पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
रिपोर्ट:मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़

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