सेफ क्लिक 2.0′ अभियान: दशम दिवस पर 14,340 से अधिक नागरिकों को किया गया जागरूक.
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित 15 दिवसीय राज्य स्तरीय साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान “सेफ क्लिक 2.0” के दसवें दिन, जिला सिवनी में पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन एवं एएसपी श्री दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों और सामुदायिक केंद्रों को साइबर जागरूकता का मंच बनाकर 35 विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 14,340 से अधिक नागरिकों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के उपाय बताए गए।
अभियान के मुख्य केंद्र में विभिन्न धर्मों के आस्था स्थल रहे, जहाँ श्रद्धालुओं और आमजन को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी CBI/ED कॉल, केवाईसी अपडेट, फिशिंग, हानिकारक एपीके (APK) फाइल, टास्क फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन और ओटीपी/यूपीआई फ्रॉड जैसी आधुनिक साइबर ठगी के प्रति सचेत किया गया। इस दौरान मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों एवं चर्चों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से साइबर सुरक्षा संदेश प्रसारित किए गए। थाना कोतवाली, अजाक थाना और साइबर नोडल टीम द्वारा शैक्षणिक संस्थानों, सामुदायिक भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर संवाद स्थापित कर लोगों को 1930 हेल्पलाइन नंबर और आधिकारिक एनसीआरपी पोर्टल (http://cybercrime.gov.in) के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई।
अभियान को सफल बनाने में मातृशक्ति संगठन, मार्गिक फाउंडेशन, कलम फाउंडेशन, कनक फाउंडेशन और परिवर्तन फाउंडेशन जैसे सामाजिक संगठनों का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी ने पुनः स्पष्ट किया कि कोई भी आधिकारिक एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती है, इसलिए ऐसी धमकियों से डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति से अपना ओटीपी, यूपीआई पिन या सीवीवी साझा न करें और किसी भी प्रकार के संदिग्ध लिंक या फाइल पर क्लिक करने से बचें। “सोचें, समझें, फिर क्लिक करें” के मूल मंत्र के साथ यह अभियान 8 जुलाई 2026 तक निरंतर जारी रहेगा, जिसका उद्देश्य एक सुरक्षित डिजिटल समाज का निर्माण करना है। रिपोर्ट -आकाश भार्गव (जिलाब्यूरो )सिवनी

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