डिंडौरी मध्यप्रदेश
अखिलेश झारिया
कारण बताओ नोटिस का भी नहीं दिया जवाब, कलेक्टर ने की अनुशासनात्मक कार्रवाई
डिंडौरी। मुख्यमंत्री कल्याण अभियान के तहत आयोजित संयुक्त शिविरों में अनुपस्थित रहने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने पर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कृषि विभाग के 21 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। संबंधित अधिकारियों की एक वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कल्याण अभियान के संयुक्त शिविरों में संबंधित अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके बावजूद वे शिविरों में उपस्थित नहीं हुए। इसे शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना मानते हुए सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।
नोटिस का जवाब नहीं देने पर कार्रवाई
निर्धारित समयावधि बीतने के बाद भी संबंधित अधिकारियों ने कारण बताओ नोटिस का जवाब कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियमों के तहत सभी की एक-एक वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी।
कार्रवाई की जद में डिंडौरी के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी प्रियंका पूषाम, साधना तेकाम, शशि प्रजापति, नीलेश मानिकपुरी, शैलेन्द्र पट्टा और फूलचंद वरकड़े शामिल हैं।
इसी तरह अमरपुर के समीक्षा पाठक, रोहणी सावले, सोहानी घाडे, बीरू अजनारे और मूलचंद बच्छेल तथा समनापुर के हिमांशु श्याम, माधो सिंह सिंघाड़, रजनीकांत सोनी, नंदकिशोर चिचाम, शैलेन्द्र चौबे, शकुन धार्वे और शिवनी मुजालदे पर कार्रवाई की गई है। बजाग के धर्मेन्द्र खड़े, मायादेवी पेन्द्रो और अमित भटनागर की भी वार्षिक वेतनवृद्धि रोकी गई है।
सेवा पुस्तिका में दर्ज होगा आदेश
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध जारी आदेश की जानकारी उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यक्रमों से अनुपस्थिति, दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदारी तय की जाएगी।







