शहडोल मध्य प्रदेश 

 

शहडोल के पुरानी बस्ती में सजेगी आध्यात्मिक ज्ञान की गंगा: 28 मार्च से ‘श्रीमद् भागवत कथा’ का भव्य आयोजन

 

​शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में भक्ति और अध्यात्म का अनूठा संगम होने जा रहा है। स्थानीय पुरानी बस्ती, वार्ड नंबर 37 में आगामी 28 मार्च 2026 से संगीतमय ‘श्रीमद् भागवत कथा’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन श्री त्रिभुवन मिश्रा और श्रीमती देववती जी के सानिध्य में संपन्न होगा, जिसमें समूचे क्षेत्र के श्रद्धालुओं को भक्ति रस का रसास्वादन करने का अवसर प्राप्त होगा।

 

​वृंदावन के आचार्य करेंगे कथा वाचन

 

​इस आठ दिवसीय ज्ञान यज्ञ के मुख्य वक्ता श्रीधाम वृंदावन के सुप्रसिद्ध परम पूज्य आचार्य श्री राघव कृष्ण जी महाराज होंगे। उनके ओजस्वी मुखारविंद से भक्तगण भगवान कृष्ण की लीलाओं और भागवत महापुराण के गूढ़ रहस्यों को सुनेंगे। आयोजन को लेकर स्थानीय निवासियों और मिश्रा परिवार में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

​आठ दिनों का विस्तृत कार्यक्रम

​कथा का शुभारंभ 28 मार्च को दोपहर 2:00 बजे श्री कल्याणपुर धाम से निकलने वाली भव्य कलश यात्रा के साथ होगा, जो पुरानी बस्ती स्थित कथा स्थल पहुंचेगी।

 

कार्यक्रम का विवरण इस प्रकार है:

 

​28 मार्च: कलश यात्रा, देवपूजन एवं श्रीमद् भागवत महापुराण बैठकी।

​29 मार्च: श्री शुकदेव जन्म एवं परीक्षित जन्म प्रसंग।

​30 मार्च: सृष्टि विस्तार, सती एवं ध्रुव चरित्र, प्रहलाद चरित्र।

​31 मार्च: वामन अवतार, राम जन्म एवं श्री कृष्ण जन्मोत्सव (नंदोत्सव)।

​01 अप्रैल: श्री कृष्ण बाल लीला, गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग।

​02 अप्रैल: महारास लीला एवं श्री कृष्ण-रुक्मिणी विवाह।

​03 अप्रैल: सुदामा चरित्र एवं परीक्षित मोक्ष।

​04 अप्रैल: कथा समापन, हवन-यज्ञ एवं विशाल भंडारा।

 

​दैनिक समय सारणी

 

​आयोजकों ने बताया कि प्रतिदिन प्रातः 07:00 बजे से 11:00 बजे तक पूजन और पारायण संपन्न होगा। वहीं, मुख्य कथा दोपहर 3:00 बजे से प्रभु की इच्छा तक निरंतर चलेगी।

 

​आयोजक और निवेदक

 

​इस पुनीत आयोजन के प्रेषक पुष्पेंद्र मिश्रा, अशोक मिश्रा और ज्ञानेन्द्र मिश्रा (एडवोकेट) हैं। मिश्रा परिवार के समस्त सदस्यों—अनीता मिश्रा, जया मिश्रा, पूनम मिश्रा सहित अंश, आदित्य, अंशिका, हर्षिता और अजिता मिश्रा ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से सपरिवार उपस्थित होकर पुण्य लाभ अर्जित करने का विशेष आग्रह किया है।

​इस धार्मिक अनुष्ठान से न केवल वार्ड नंबर 37, बल्कि पूरे शहडोल जिले में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित होने की उम्मीद है। 4 अप्रैल को विशाल भंडारे के साथ इस महोत्सव का समापन होगा।

 

      अजय पाल

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