भाजपा नेता राजा मोर को सौंपा स्मरण पत्र, बुधवार को विधायक संतोष बरकड़े को सौंपा जाएगा पत्र
सिहोरा
सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने भाजपा नेताओं को चुनाव पूर्व किए गए वादों की याद दिलाने का अभियान तेज कर दिया है। समिति लगातार भाजपा के उन नेताओं से संपर्क कर रही है, जो सिहोरा को जिला बनाने की घोषणा के समय मंच पर मौजूद रहे थे और जिन्होंने चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादे को सुना था।
इसी क्रम में मंगलवार को समिति ने भाजपा प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य राजा मोर को उनके बस स्टैंड स्थित आवास पर पहुंचकर स्मरण पत्र सौंपा और सिहोरा को जिला बनाने के वादे को पूरा कराने के लिए सरकार के समक्ष प्रभावी पहल करने की मांग की।
इसके पूर्व समिति के सदस्य लगातार 2 सितंबर से सिहोरा भाजपा के जिम्मेदार माने जाने वाले नेताओं को स्मरण पत्र सौंप रहे है। इस दौरान समिति ने सवाल उठाया था कि संगठन और सत्ता में रहते सदस्यों को लोकतंत्र में चुनावी वादों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।समिति ने कहा कि कथनी और करनी में समानता की बात करने वाली भाजपा और उसकी सरकार के लिए सिहोरा जिला का मुद्दा भी उसी कसौटी पर होना चाहिए। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सिहोरा में भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी द्वारा सिहोरा को जिला बनाने की घोषणा और सरकार के समक्ष प्रस्ताव ले जाने के वादे का उल्लेख करते हुए समिति ने कहा कि जनता आज भी उस घोषणा के पूरा होने का इंतजार कर रही है।
समिति ने कहा कि चुनाव के समय जनता से किया गया वादा केवल राजनीतिक भाषण नहीं, बल्कि जनता के विश्वास से जुड़ा संकल्प होता है। यदि राष्ट्रीय स्तर के पद पर बैठे नेता द्वारा किया गया वचन भी पूरा नहीं होता और स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार नेता भी इस मुद्दे पर मौन रहते हैं, तो यह जनता के बीच गंभीर सवाल खड़े करता है।
बुधवार को सिहोरा विधायक संतोष बरकड़े को सौंपेंगे स्मरण पत्र
स्मरण पत्र अभियान को आगे बढ़ाते हुए बुधवार को सिहोरा विधायक संतोष बरकड़े को स्मरण पत्र सौंपा जाएगा। समिति का कहना है कि विधायक भी उसी राजनीतिक व्यवस्था का हिस्सा हैं, जिसके समक्ष सिहोरा को जिला बनाने का वादा किया गया था। इसलिए अब उनसे अपेक्षा है कि वे विधानसभा और सरकार के स्तर पर सिहोरा की आवाज को मजबूती से उठाएं और जनता से किए गए वादे को पूरा कराने में निर्णायक भूमिका निभाएं।
समिति ने स्पष्ट किया कि वह भाजपा के उन सभी नेताओं तक पहुंचेगी, जो सिहोरा जिला की घोषणा और चुनावी वादे से जुड़े रहे हैं। आंदोलन समिति का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि जनता से किए गए वादे को याद दिलाकर उसे पूरा कराने के लिए सरकार पर लोकतांत्रिक तरीके से दबाव बनाना है।
मंगलवार को स्मरण पत्र सौंपने के दौरान समिति के अनिल जैन,संतोष पांडे, रामजी शुक्ला,आलोक जैन,कृष्ण कुमार कुररिया, प्रदीप दुबे, सुनील कुररिया, संजय पाठक, संतोष वर्मा, सुमित शुक्ला, मोहन सोंधिया, शरद सेठ, अनिल खंपरिया, राजभान मिश्रा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
समिति ने कहा कि सिहोरा जिला बनने तक यह अभियान रुकने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
पुलिसवाला न्यूज़ कटनी से पारस गुप्ता की रिपोर्ट
