WhatsApp Image 2026 04 13 at 17.49.12रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में साइबर ठगी के एक बड़े और संगठित नेटवर्क को ध्वस्त करने में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के कुशल मार्गदर्शन में की गई इस छापेमारी ने उस गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोक सेवा केंद्र की आड़ में “इंडिया मैट्रिमोनी” जैसे फर्जी विवाह प्लेटफॉर्म के जरिए निर्दोष लोगों को ठग रहा था।

​यह पूरी कार्रवाई एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर शुरू हुई, जिसके बाद एडिशनल एसपी अनिल सोनी और नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) श्री मयंक मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक के साथ साइबर और महिला थाने की संयुक्त फोर्स शामिल थी, जिसने दरोगापारा स्थित ‘निधि परिवहन केंद्र’ पर दबिश दी। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि केंद्र का संचालक कपिल गर्ग, जिसकी आरटीओ संबंधी आईडी एक महीने पहले ही निरस्त हो चुकी थी, वहां से फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट और यूट्यूब चैनल संचालित कर रहा था।

​धोखाधड़ी का तरीका बेहद शातिर था; गिरोह में शामिल युवतियां फर्जी जीमेल आईडी और फेक यूट्यूब प्रोफाइल के जरिए आकर्षक वीडियो और फोटो अपलोड करती थीं। संपर्क करने वाले लोगों से पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर और फिर पसंदीदा प्रोफाइल से बात कराने या मीटिंग आईडी जनरेट करने के बहाने यूपीआई के जरिए लगातार पैसे वसूले जाते थे। अंत में रिश्ता पसंद न आने का बहाना बनाकर संपर्क तोड़ दिया जाता था।

​पुलिस की तफ्तीश केवल एक केंद्र तक सीमित नहीं रही। कपिल गर्ग से पूछताछ के बाद टीम ने श्रीमती शांति देवी सोसायटी ऑफ एजुकेशन पर भी छापा मारा, जहां की संचालिका हिमांशु मेहर ने स्वीकार किया कि वह पिछले तीन वर्षों से कपिल के साथ मिलकर लड़कियों के माध्यम से इस गोरखधंधे को अंजाम दे रही थी। पुलिस ने मौके से लैपटॉप, फोटोशॉप के जरिए एडिट किए गए फर्जी दस्तावेज और कई सरकारी विभागों की सील-मुहर बरामद की है।

​इस सफलता पर एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने जनता को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध सोशल मीडिया प्रोफाइल या अनधिकृत मैट्रिमोनियल साइट के झांसे में न आएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रायगढ़ पुलिस साइबर ठगों के खिलाफ शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपना रही है और ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस दोनों संचालकों और गिरोह में शामिल अन्य युवतियों से विस्तृत पूछताछ कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है

रिपोर्ट :मयंक श्रीवास्तव

ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़

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