• संयुक्त ए.एन.एम. एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा 8 सूत्रीय ज्ञापन

• प्रोत्साहन राशि, संविदा नियमितीकरण, पदोन्नति और नर्सिंग कैडर में बहाली की उठाई मांग

शहडोल:-मध्य प्रदेश की ए.एन.एम. महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के निराकरण को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संयुक्त ए.एन.एम. एसोसिएशन (संविदा-नियमित) कर्मचारी संघ जिला शहडोल द्वारा मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को 8 सूत्रीय मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। संघ ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो दिनांक 25 अगस्त 2026 से सभी ए.एन.एम. ऑनलाइन कार्य पूरी तरह बंद कर चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी।

काम करें एएनएम, इंसेंटिव मिले किसी और को — यह अन्याय बर्दाश्त नहीं

ज्ञापन सौंपते हुए संघ की जिला अध्यक्ष अंजली सोनवानी ने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, परिवार कल्याण सर्वेक्षण तथा सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का जमीनी क्रियान्वयन ए.एन.एम. बहनों द्वारा पूरी निष्ठा से किया जा रहा है।
इसके बावजूद ए.एन.एम. द्वारा ऑनलाइन पोर्टल पर संपादित किए जाने वाले कार्यों (जैसे M.R.-I, यूविन, N.C.D., निक्षय, H.R.P. Identifie, Early Registration तथा D.S.S.) की प्रोत्साहन राशि (PBI) ए.एन.एम. को न देकर सी.एच.ओ. (C.H.O.) को दी जा रही है। वहीं कार्य में कमी पाए जाने पर नोटिस और मानसिक प्रताड़ना केवल ए.एन.एम. को झेलनी पड़ती है, जो घोर अन्यायपूर्ण है।

ज्ञापन में शामिल प्रमुख 8 मांगें

प्रोत्साहन राशि (PBI) का सीधा भुगतान: ए.एन.एम. द्वारा किए जा रहे सभी ऑनलाइन कार्यों का पूरा इंसेंटिव सीधे ए.एन.एम. को प्रदान किया जाए।
समयबद्ध पदोन्नति: एम.पी.डब्लू. (MPW) की तर्ज पर ए.एन.एम. को भी विभागीय पदों (सुपरवाइजर, एलएचवी आदि) पर योग्यता के आधार पर तत्काल पदोन्नति दी जाए।
नर्सिंग कैडर में पुनः बहाली व वेतन विसंगति दूर करना: वर्ष 2016 में नर्सिंग कैडर से अलग किए जाने के बाद हुई विसंगति को दूर कर ए.एन.एम. को पुनः नर्सिंग कैडर में शामिल किया जाए एवं ग्रेड पे ₹3200/- दिया जाए।
संविदा ए.एन.एम. का नियमितीकरण: वर्षों से सेवा दे रहीं संविदा ए.एन.एम. बहनों का संविलियन कर नियमित किया जाए।
H.I.M.S. पोर्टल से पृथक्करण: समीक्षा व कार्य की सुगमता के लिए ए.एन.एम. को H.I.M.S. पोर्टल से स्वतंत्र रूप से अलग किया जाए।
अत्यधिक कार्यभार से राहत: 5 हजार की तय जनसंख्या की जगह 2 से 3 गुना अधिक आबादी का कार्य कराए जाने और नेटवर्क समस्या के चलते देर रात तक ऑनलाइन काम करने के मानसिक दबाव से मुक्ति मिले।
आवास भत्ता प्रदान करना: स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारियों की भांति ए.एन.एम. को भी शासन के नियमानुसार नियमित आवास भत्ता दिया जाए।
जोखिम व आदिवासी क्षेत्र भत्ता: दुर्गम पहाड़ी एवं नदी-नालों को पार कर पैदल सेवाएं देने वाली ए.एन.एम. को मूल वेतन का 18% जोखिम भत्ता या आदिवासी क्षेत्र भत्ता दिया जाए।
एक सप्ताह का दिया अल्टीमेटम
संघ की पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इससे पूर्व भी भोपाल स्तर पर कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, किंतु कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। यदि समय रहते न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक आदेश जारी नहीं किए गए, तो प्रदेश भर में ऑनलाइन रिपोर्टिंग बंद कर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

अजय पाल

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