डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
डिंडौरी, 24 अगस्त। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा बैठक लेकर जिले में संचालित शासकीय योजनाओं, विकास कार्यों एवं जनहित से जुड़े लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत के सीईओ दिव्यांशु चौधरी, एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, संयुक्त कलेक्टर भारती मेरावी, एसडीएम डिंडौरी रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का प्राथमिकता से करें निराकरण
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबे समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की नियमित समीक्षा करने, शिकायतकर्ताओं से समन्वय स्थापित करने और संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जन विश्वास अभियान के शिविरों पर विशेष जोर
कलेक्टर ने जन विश्वास अभियान के शिविरों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविरों के आयोजन से पहले सभी विभाग अपने स्तर पर लंबित प्रकरणों का निराकरण कर लें।
उन्होंने विभागीय योजनाओं की नियमित समीक्षा करने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
31 अगस्त को गौराकन्हारी में लगेगा शिविर
बैठक में आगामी 31 अगस्त 2026 को विकासखंड समनापुर के ग्राम गौराकन्हारी में आयोजित होने वाले जन विश्वास अभियान शिविर की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को शिविर से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा से पहले पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिविर में आमजन की सुविधा, विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी, आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता और प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
किसानों की ई-केवाईसी और फार्मर आईडी समय पर बनाने के निर्देश
समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों एवं पटवारियों को किसानों की ई-केवाईसी एवं फार्मर आईडी तैयार करने का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। संबंधित अधिकारी-कर्मचारी किसानों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराएं, ताकि पात्र किसानों को शासन की कृषि योजनाओं, अनुदान एवं अन्य सुविधाओं का लाभ समय पर मिल सके।
