महाराणा प्रताप चौक ( पड़ाव चौक ) से लोरमी बाईपास रोड पर फंसे स्थानीय विधायक मोहले । अवैध कब्जा बना – सौंदर्यकरण न होने का मुख्य कारण

व्यवस्था पर सवाल वीआईपी भी लाचार

मुंगेली / जनता की समस्या अब जनप्रतिनिधियों के द्वार पड़ाव चौक से मुंगेली रोड की बदहाली और वहां लगने वाले भीषण जाम होना आम बात है । अब इस समस्या की गंभीरता का सबसे बड़ा प्रमाण सामने आया है—जब खुद मुंगेली विधायक की गाड़ी इस ‘ट्रैफिक चक्रव्यूह’ में फंसी नजर आई।

तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि मुंगेली विधायक की गाड़ी जाम के कारण आगे बढ़ने के लिए संघर्ष कर रही है। यह इस बात का सबूत है कि सड़क की संकीर्णता (सकरी सड़क) अब किसी खास या आम को नहीं पहचानती। करोड़ों के बजट और विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच, पड़ाव चौक मुंगेली से लोरमी बाईपास रोड की स्थिति जस की तस बनी हुई है। जब एक दिग्गज नेता को जाम में फंसना पड़ रहा है, तो आम एम्बुलेंस और मरीजों का क्या हाल होता होगा? मुंगेली विधायक से लेकर जिले के तमाम बड़े रसूखदार इसी रास्ते से अपने गंतव्य की ओर जाते हैं। जाम में फंसना अब इनके लिए भी ‘नॉर्मल’ हो चुका है, लेकिन आश्चर्य है कि किसी को भी इस अव्यवस्था से ‘परेशानी’ महसूस नहीं हो रही। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब बड़े नेताओं की गाड़ियां जाम में फंसती हैं, तो उनके साथ चल रहे सुरक्षाकर्मी रास्ता साफ कराकर उन्हें निकाल ले जाते हैं, लेकिन पीछे फंसी आम जनता घंटों धूल और धुएं में घुटती रहती है।

जनता की मांग

पुन्नूलाल मोहले जी एक वरिष्ठ और अनुभवी राजनेता हैं, जिन्हें मुंगेली की जनता का अपार स्नेह और समर्थन प्राप्त है। चार बार सांसद और छह बार विधायक के रूप में उनका लंबा और बेदाग राजनीतिक जीवन उनके प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है। जनता ने अब उनसे पड़ाव चौक-लोरमी रोड के चौड़ीकरण की मांग की है वे उनकी इस मांग को गंभीरता से लेंगे और जल्द ही सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू करवाएंगे।
साथ ही साथ सभी चौक चौराहों पर मूर्ति लगाने का कार्य व सौंदर्यकरण भी होने लगा है लेकिन महाराणा प्रताप चौक पर एक महिला नेत्री के अवैध कब्जे के कारण महाराणा प्रताप चौक पर अभी तक से नींव भी नहीं रखा गया है

10 से 15 मिनट की देरी

राहगीरों का कहना है कि एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में अब 10से 15 मिनट का समय लग रहा है। जो सफर मिनटों में तय होना चाहिए, वहां भारी वाहनों की कतारों के बीच फंसकर घंटों जैसा एहसास होता है। शाम के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब बाजार की भीड़ और गाड़ियों का जमावड़ा एक साथ बढ़ जाता है।

बड़ी गाड़ियां बनीं बाधा

इस सकरी सड़क पर बड़े ट्रकों और बसों के एक साथ आ जाने से रास्ता पूरी तरह रुक जाता है। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को इन भारी वाहनों के बीच से निकलने में जान जोखिम में डालनी पड़ती है।

अवैध कब्जा बना कारण

खास बात यह है कि एक महिला द्वारा जो अपने आप को एक पार्टी के नेत्री बताती है नजूल सरकार की भूमि को कब्जा कर रखी है और किसी परिवार की जमीन को फर्जी तरीके से अपने नाम में करा कर अपने नाम पर दर्ज करा ली है , और तो और बिना नगर पालिका से भवन अनुज्ञा लिए दो मंजिला अवैध रूप से हॉस्पिटल का निर्माण कराया जा रहा है !
जिसका न्यायालय में प्रकरण चल रहा है ,
शासन प्रशासन को इस पर तत्काल कार्यवाही करनी चाहिए ।

प्रशासन से गुहार

शहरवासियों ने शासन प्रशासन और यातायात पुलिस से मांग की है कि इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था और अवैध कब्जा को हटाने व दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

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