सर्पदंश से पीड़ित लोगों के झाड़-फूंक से ठीक होने की मान्यता, दूर-दराज से पहुंचते हैं श्रद्धालु — अखाड़े में पहलवान दिखाते हैं कुश्ती के दांव-पेंच
कटनी/बहोरीबंद
मध्य प्रदेश के कटनी जिले की बहोरीबंद तहसील क्षेत्र के ग्राम कुआं में स्थित प्रसिद्ध नाग मंदिर में ऋषि पंचमी के अवसर पर आस्था और परंपरा का प्रमुख केंद्र बन जाता है। ऋषि पंचमी के दिन यहां विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन किए जाते हैं, जिसमें क्षेत्र के अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
स्थानीय लोगों के बीच इस मंदिर को लेकर सैकड़ो वर्षों से कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। मान्यता है कि सर्पदंश से पीड़ित लोगों को यहां लाकर पारंपरिक तरीके से झाड़-फूंक कराई जाती है और इससे विष का प्रभाव उतर जाता है।
ऋषि पंचमी पर विशेष आयोजन
ऋषि पंचमी के दिन मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक गतिविधियां होती हैं। सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है। मंदिर परिसर में श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना करते हैं। स्थानीय परंपराओं और धार्मिक आस्था के चलते इस आयोजन का विशेष महत्व माना जाता है।
अखाड़े में देखने को मिलते हैं कुश्ती के दांव-पेंच
धार्मिक आयोजन के साथ यहां कुश्ती का आयोजन भी आकर्षण का केंद्र रहता है। क्षेत्रीय पहलवानों के साथ अन्य जिलों से आने वाले पहलवान भी अखाड़े में अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। पहलवानों के बीच होने वाले मुकाबलों में कुश्ती के अलग-अलग दांव-पेच देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु एकत्रित होते हैं
कुश्ती के दौरान पहलवान अपनी शारीरिक क्षमता और पारंपरिक कुश्ती कल का प्रदर्शन करते हैं इससे आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ ग्रामीण खेल एवं पारंपरिक संस्कृति की झलक भी देखने को मिलती है
आस्था और परंपरा का अनूठा संगम
नाग मंदिर में ऋषि पंचमी के अवसर पर होने वाला यह आयोजन धार्मिक आस्था, लोक परंपरा और ग्रामीण खेल संस्कृति का अनूठा संगम दिखाई देता है ।मंदिर में पूजा अर्चना के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के साथ कुश्ती देखने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है और हर वर्ष आयोजन को लेकर लोगों में उत्साह बना रहता है।
पुलिसवाला न्यूज़ कटनी से संभाग ब्यूरो पारस गुप्ता की रिपोर्ट
