डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
बिलगांव पंचायत में कामकाज प्रभावित, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर योजनाओं के काम अटके; जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी पर उठे सवाल
डिंडौरी। जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बिलगांव में पंचायत सचिव की कथित लगातार अनुपस्थिति से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव पिछले करीब दो माह से नियमित रूप से पंचायत कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं। इसके चलते पंचायत से जुड़े जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं और लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत कार्यालय गांव के लोगों के लिए शासन की योजनाओं और स्थानीय प्रशासन से जुड़ने की पहली कड़ी है, लेकिन सचिव के कार्यालय में नहीं मिलने से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास सहित पंचायत स्तर से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीण काम होने की उम्मीद लेकर पंचायत भवन पहुंचते हैं, लेकिन जिम्मेदार कर्मचारी के नहीं मिलने पर कई बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है।
दो माह से अनुपस्थिति का आरोप, निगरानी व्यवस्था पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्थिति एक-दो दिन की नहीं, बल्कि करीब दो महीने से बनी हुई है। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि पंचायत सचिव लंबे समय से नियमित रूप से कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं तो जनपद पंचायत स्तर पर इसकी निगरानी क्यों नहीं हो रही? सचिव की उपस्थिति और पंचायत के कामकाज की समीक्षा करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों तक यह मामला अब तक क्यों नहीं पहुंचा अथवा पहुंचने के बाद भी व्यवस्था में सुधार क्यों नहीं हुआ?
सरकारी योजनाओं के लिए भटक रहे ग्रामीण
पंचायत सचिव की अनुपस्थिति का सीधा असर ग्रामीणों के रोजमर्रा के कामों पर पड़ने का दावा किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं की जानकारी लेने, दस्तावेज संबंधी कार्य कराने और पंचायत स्तर की समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीणों को सचिव की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में नियमित उपस्थिति नहीं होने से खासकर बुजुर्गों और दूर-दराज से पंचायत कार्यालय आने वाले ग्रामीणों को अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने की जांच और नियमित उपस्थिति की मांग
ग्रामीणों ने जनपद पंचायत शहपुरा के जिम्मेदार अधिकारियों से मामले की जांच कराने और पंचायत सचिव की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत कार्यालय का संचालन नियमित रूप से होना चाहिए, ताकि शासन की योजनाओं एवं पंचायत से जुड़े कार्यों के लिए लोगों को अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े।
अब देखना होगा कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी मामले की जांच कर व्यवस्था सुधारते हैं या बिलगांव के ग्रामीणों को इसी तरह पंचायत कार्यालय के चक्कर काटने पड़ेंगे।
इस सम्बन्ध मे पंचायत सचिव का पक्ष जानने की कोशिश की गई पर उनका फ़ोन नहीं लगा

