डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
मानपुर की कामधेनु गौशाला में भगवान बलराम, हल और गौमाता का पूजन, जैविक खेती व गौपालन को बढ़ावा देने पर जोर
डिंडौरी / समनापुर । विकासखंड समनापुर के ग्राम मानपुर स्थित कामधेनु गौशाला में बुधवार को भगवान बलराम प्रकटोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में भगवान बलराम, हल और गौमाता की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और किसानों की खुशहाली की कामना की गई। इस दौरान गौसंरक्षण, गौपालन, जैविक खेती और किसान कल्याण का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम में शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रेश परस्ते, जनपद पंचायत अध्यक्ष, भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, एसडीएम डिंडौरी रामबाबू देवांगन सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कृषि और किसान संस्कृति के प्रतीक हैं भगवान बलराम
विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने कहा कि भगवान बलराम का जीवन कृषि और किसान संस्कृति से जुड़ा रहा है। इसी कारण उनके प्रकटोत्सव पर हल की पूजा का विशेष महत्व है। किसान और कृषि अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं, वहीं गौमाता का कृषि एवं ग्रामीण जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रहा है।
उन्होंने कहा कि गौशालाओं के माध्यम से निराश्रित पशुओं को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है। गौशालाओं में पशुओं के भोजन और देखभाल की व्यवस्था के साथ शासन द्वारा पशुओं की संख्या के अनुसार आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।
पशुओं का समय पर टीकाकरण और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश
कार्यक्रम के दौरान विधायक धुर्वे ने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से पशुओं का समय पर टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने बताया कि घायल एवं बीमार पशुओं के उपचार के लिए 1962 पशु एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध है, जिससे जरूरत के समय पशुपालकों को त्वरित सहायता मिल सकती है।
उन्होंने पशुपालकों से आधुनिक तकनीक और कृत्रिम गर्भाधान जैसी सुविधाओं का लाभ लेकर उन्नत पशुधन को बढ़ावा देने तथा किसानों से गौपालन अपनाने का आह्वान किया।
जैविक खेती में गोबर खाद के उपयोग पर जोर
विधायक ने खेती में गाय के गोबर से तैयार जैविक खाद का अधिक से अधिक उपयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जैविक खाद के इस्तेमाल से भूमि की उर्वरता बनाए रखने के साथ गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सकता है। किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड सहित कृषि और पशुपालन से जुड़ी विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका पात्र किसानों को लाभ लेना चाहिए।
हल और गौमाता का पूजन हमारी कृषि संस्कृति का हिस्सा: परस्ते
जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रेश परस्ते ने कहा कि भगवान बलराम किसानों और कृषि संस्कृति के प्रतीक हैं। उनके प्रकटोत्सव पर हल और गौमाता की पूजा भारतीय कृषि परंपरा से जुड़ी हुई है। ऐसे आयोजन गौसेवा, कृषि और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश देते हैं।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने भगवान बलराम एवं गौमाता की पूजा-अर्चना की। साथ ही भगवान बलराम के आदर्शों को अपनाने और गौसंरक्षण, गौपालन तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
