डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
कोतवाली पुलिस ने 100.68 लीटर देशी-अंग्रेजी शराब, कार और दो मोबाइल किए जब्त, कुल कीमत 6.82 लाख रुपये
डिंडौरी। आदिवासी बाहुल्य डिंडौरी जिले में अवैध शराब के कारोबार और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बावजूद शराब की अवैध आवाजाही के मामले सामने आ रहे हैं। सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर जेल बिल्डिंग के पीछे बायपास रोड स्थित लकड़ी टाल के पास घेराबंदी कर एक टाटा टिगोर कार से 100.68 लीटर अवैध शराब बरामद की। मामले में शहडोल जिले के दो और डिंडौरी के एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शराब के साथ परिवहन में इस्तेमाल कार और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 6 लाख 82 हजार 440 रुपये बताई गई है।
मुखबिर की सूचना पर की कार्रवाई
कोतवाली पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जेल बिल्डिंग के पीछे बायपास रोड पर लकड़ी टाल के पास सफेद रंग की टाटा टिगोर कार क्रमांक MP18 ZF 3825 में अवैध शराब का परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध कार की घेराबंदी कर तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार में अलग-अलग कार्टून में रखी विभिन्न ब्रांड की शराब बरामद हुई। पुलिस ने मौके से तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
बीयर, व्हिस्की और रम सहित 100.68 लीटर शराब जब्त
पुलिस के अनुसार, कार से कुल 100.68 लीटर शराब जब्त की गई है। इसमें 60 लीटर बीयर, 18 लीटर व्हिस्की, 14.400 लीटर स्पेशल रम और 8.280 लीटर रम शामिल है। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 55 हजार रुपये बताई गई है। इसके अलावा लगभग 6 लाख रुपये कीमत की टाटा टियागो कार और करीब 27 हजार रुपये कीमत के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। इस तरह जब्त सामग्री का कुल अनुमानित मूल्य 6,82,440 रुपये है।
शहडोल के दो और डिंडौरी का एक आरोपी गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नूतेंद्र धार्या (41), पिता केशव धार्या, निवासी सोहागपुर, जिला शहडोल; कुमार शानू गुप्ता (35), पिता कौशल, निवासी सोहागपुर, जिला शहडोल; तथा भूपेंद्र सिंह टांडिया (50), पिता बालक दास, निवासी डिंडौरी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की है।
मोबाइल में मिलीं शराब के हिसाब वाली पर्चियों की तस्वीरें
पुलिस के अनुसार, जब्त मोबाइल फोन की फोटो गैलरी में शराब के हिसाब-किताब से संबंधित पर्चियों की तस्वीरें भी मिली हैं। इन तस्वीरों की जानकारी सामने आने के बाद शराब के कारोबार से जुड़े लेन-देन और परिवहन के संबंध में जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, इन पर्चियों के आधार पर कारोबार के नेटवर्क या अन्य लोगों की संलिप्तता के बारे में अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। मामले में आगे की जांच के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
कार पर लिखा था ‘प्रेस’, पहचान के दुरुपयोग पर सवाल
इस कार्रवाई में एक और अहम पहलू सामने आया है। शराब परिवहन में इस्तेमाल की जा रही सफेद टाटा टियागो कार के आगे और पीछे के शीशों पर अंग्रेजी में ‘प्रेस’ लिखा होने की जानकारी मिली है। इससे प्रेस की पहचान के कथित दुरुपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, केवल वाहन पर ‘प्रेस’ लिखे होने से यह साबित नहीं होता कि आरोपी किसी मीडिया संस्थान या पत्रकारिता से जुड़े हैं।
पत्रकारिता जनहित के मुद्दों को सामने लाने, प्रशासन की जवाबदेही तय कराने और समाज तक तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में यदि किसी वाहन पर प्रेस लिखकर उसका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में किया जाता है, तो यह पत्रकारिता की प्रतिष्ठा से जुड़ा गंभीर विषय बन सकता है। इस पहलू की भी जांच आवश्यक है कि वाहन पर प्रेस किस उद्देश्य से लिखा गया था और इसका शराब परिवहन से कोई संबंध था या नहीं।
कार्रवाई के बावजूद अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश चुनौती
डिंडौरी जिले में अवैध शराब की बिक्री और परिवहन को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय स्तर पर शहडोल, जबलपुर, मंडला और आसपास के क्षेत्रों से शराब की खेप जिले में पहुंचने के आरोप भी लगाए जाते रहे हैं। ऐसे में कोतवाली पुलिस की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण है, लेकिन अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए परिवहन के स्रोत, आपूर्ति शृंखला और संभावित खरीदारों की पहचान करना भी जरूरी होगा।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद नगपुरे, एएसआई केशलाल मरावी, प्रधान आरक्षक देवेंद्र पटले, सतेंद्र डेहरिया, श्याम तिवारी, हेमंत झरिया, जितेंद्र ठाकुर, आशीष, विशाल पटेल और अवनीश यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि जब्त शराब कहां से लाई जा रही थी और इसे जिले में कहां खपाने की तैयारी थी।
