डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
सरपंच-सचिव पर प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति नहीं कराने और ग्रामीणों को भटकाने के आरोप; जनपद सीईओ को सौंपा आवेदन
मेहंदवानी, डिंडौरी। जनपद पंचायत मेहंदवानी अंतर्गत ग्राम पंचायत पारापानी के पोषक ग्राम तावरी में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब पांच वर्षों से वर्तमान सरपंच के कार्यकाल में एक भी नया प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत नहीं कराया गया है। आवास की आस लगाए बैठे ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जनपद पंचायत कार्यालय का घेराव किया और मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित आवेदन सौंपकर पात्र हितग्राहियों को आवास स्वीकृत कराने की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा 14 अक्टूबर 2026 को सौंपे गए आवेदन में ग्राम पंचायत पारापानी की सरपंच कमलाबाई धुर्वे, सचिव अर्जुनसिंह मरावी तथा रोजगार सहायक सचिव तामेश्वर पुसाम का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व सरपंच के कार्यकाल में स्वीकृत आवासों के बाद वर्तमान कार्यकाल में कोई नया आवास स्वीकृत नहीं हुआ, जिससे जरूरतमंद परिवार योजना के लाभ से वंचित हैं।
पांच साल से इंतजार, जरूरतमंद परिवार परेशान
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में कई परिवार ऐसे हैं जिन्हें आवास की जरूरत है, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि इस संबंध में सरपंच और सचिव से कई बार संपर्क कर समस्या बताई गई, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक समाधान नहीं मिला। ग्रामीणों ने आवेदन में आरोप लगाया है कि उन्हें बार-बार आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है। इससे पात्र हितग्राहियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जनपद कार्यालय पहुंचकर उठाई आवाज
समस्या का निराकरण नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने अब जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचकर अपनी मांग उठाई है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी को दिए गए आवेदन में उन्होंने ग्राम पंचायत पारापानी और उसके पोषक ग्राम तावरी के पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि मामले की जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि पात्र परिवारों को अब तक योजना का लाभ क्यों नहीं मिल पाया।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी स्थिति
प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि पात्र हितग्राही लंबे समय से योजना के लाभ से वंचित हैं, तो यह जांच का विषय है कि इसके पीछे तकनीकी कारण, पात्रता संबंधी बाधाएं, लक्ष्य की कमी या पंचायत स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार है। ग्रामीणों ने जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
अब देखना होगा कि जनपद पंचायत मेहंदवानी के अधिकारी ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं और तावरी व पारापानी के पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए कब तक ठोस कार्रवाई होती है।







