डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
व्यवहार न्यायालय शहपुरा में हुआ आयोजन, न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम की समझाइश से आपसी सहमति पर पहुंचे पक्षकार
शहपुरा/डिंडौरी। वर्षों से न्यायालय में लंबित विवादों को आपसी सहमति और सुलह-समझौते के जरिए समाप्त करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक बार फिर पक्षकारों के लिए राहत का माध्यम बनी। व्यवहार न्यायालय शहपुरा में आयोजित नेशनल लोक अदालत में कुल 54 प्रकरणों का आपसी समझौते के आधार पर निराकरण किया गया। मामलों के निपटारे के बाद लंबे समय से न्यायालयीन प्रक्रिया से गुजर रहे पक्षकारों ने राहत महसूस की।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डिंडौरी के तत्वावधान में आयोजित नेशनल लोक अदालत में न्यायाधीश कर्नल सिंह श्याम की खंडपीठ के समक्ष लंबित एवं प्रीलिटिगेशन स्तर के विभिन्न प्रकरण रखे गए। इस दौरान पक्षकारों को आपसी मतभेद समाप्त कर सद्भाव और सहमति के आधार पर विवाद सुलझाने के लिए समझाइश दी गई। प्रयासों के परिणामस्वरूप 54 प्रकरणों में दोनों पक्ष सहमति पर पहुंचे और मामलों का निराकरण किया गया।
समझाइश से बनी सहमति, खत्म हुए विवाद
लोक अदालत में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, चेक बाउंस से संबंधित धारा 138 के मामले, वैवाहिक विवाद तथा सिविल प्रकृति के प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया अपनाई गई। पक्षकारों को न्यायालयीन लड़ाई को लंबा खींचने के बजाय आपसी सहमति से समाधान के लाभ बताए गए।
लोक अदालत की विशेषता यह है कि यहां सुलह-समझौते से प्रकरण का निराकरण होने पर पक्षकारों के समय, धन और श्रम की बचत होती है। साथ ही लंबे समय से चले आ रहे विवाद का स्थायी समाधान होने से दोनों पक्षों के बीच कटुता समाप्त कर आपसी सद्भाव कायम करने का अवसर भी मिलता है। लोक अदालत में पारित अवार्ड अंतिम और पक्षकारों पर बाध्यकारी होता है।
वर्षों से चक्कर लगा रहे पक्षकारों को मिली राहत
54 प्रकरणों के निराकरण के साथ कई पक्षकारों के लंबे समय से चले आ रहे न्यायालयीन विवादों का अंत हुआ। समझौते के बाद पक्षकारों ने आपसी मतभेद भुलाकर खुशी के साथ एक-दूसरे को विदा किया। नेशनल लोक अदालत के आयोजन में अधिवक्ताओं, न्यायालयीन कर्मचारियों और पक्षकारों की उल्लेखनीय भागीदारी रही।
