सिवनी, मध्यप्रदेश

सिवनी। जिले में नवपदस्थ कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार की मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रस्तावित परिचयात्मक बैठक के दौरान पत्रकारों के इंतजार और बैठक का बहिष्कार किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटनाक्रम के बाद प्रशासन और मीडिया के बीच समन्वय को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला जनसंपर्क विभाग की ओर से 29 अक्टूबर 2026 को शाम 5:30 बजे कलेक्टर सभाकक्ष में नवागत कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार की पत्रकारों के साथ परिचयात्मक बैठक आयोजित किए जाने की सूचना दी गई थी। इसके बाद जिले के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधि निर्धारित समय पर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंच गए।

पत्रकारों के अनुसार, निर्धारित समय बीतने के बाद भी बैठक शुरू नहीं हुई। शाम 5:30 बजे से लेकर 6 बजे तक इंतजार करने के बावजूद बैठक की शुरुआत को लेकर उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। पत्रकारों का कहना है कि बैठक में देरी के संबंध में सूचना नहीं दिए जाने और उचित संवाद के अभाव से उन्हें असुविधा हुई।

पत्रकारों ने जताई नाराजगी

लंबे इंतजार के बाद पत्रकारों ने आपस में चर्चा की और बैठक का बहिष्कार कर कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर निकलने का निर्णय लिया। इस घटनाक्रम को लेकर पत्रकारों में नाराजगी सामने आई है।

पत्रकारों का कहना है कि मीडिया प्रतिनिधि अपने नियमित कार्य छोड़कर प्रशासन के साथ संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से बैठक में पहुंचे थे। ऐसे में समय पर बैठक शुरू नहीं होना और देरी के संबंध में स्पष्ट सूचना नहीं मिलना उचित नहीं था।

जनसंपर्क विभाग की भूमिका पर सवाल

इस घटनाक्रम के बाद जिला जनसंपर्क विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। पत्रकारों का मानना है कि जनसंपर्क विभाग प्रशासन और मीडिया के बीच संवाद एवं समन्वय की महत्वपूर्ण कड़ी है। ऐसी परिस्थितियों में बैठक में देरी होने पर मीडिया प्रतिनिधियों को समय रहते जानकारी देना आवश्यक था।

पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जनता तक प्रशासनिक गतिविधियों, सरकारी योजनाओं और जनहित से जुड़ी सूचनाओं को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर संवाद तथा परस्पर सम्मान बनाए रखना आवश्यक है।

समाधान की अपेक्षा

पत्रकारों की ओर से इस मामले में जनसंपर्क विभाग से स्थिति स्पष्ट करने और भविष्य में ऐसी असुविधा से बचने के लिए बेहतर समन्वय व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपेक्षा जताई गई है। साथ ही, नवागत कलेक्टर और मीडिया प्रतिनिधियों के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित करने की जरूरत भी सामने आई है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन और जनसंपर्क विभाग इस घटनाक्रम पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं तथा पत्रकारों और प्रशासन के बीच संवाद को बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

रिपोर्ट: जिला ब्यूरो जितेंद्र बघेल

Comments are closed.