धूल के गुब्बारे में तब्दील हुआ शहडोल-रीवा रोड, सफर बना जानलेवा
पिपरिया से जयसिंहनगर तक सड़क निर्माण में लापरवाही के आरोप, जनता में भारी आक्रोश
शहडोल। शहडोल से रीवा को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग इन दिनों लोगों के लिए राहत नहीं बल्कि मुसीबत का कारण बन गया है। पिपरिया से जयसिंहनगर तक सड़क निर्माण कार्य के दौरान फैली अव्यवस्था ने पूरे इलाके को धूल के गुब्बारे में बदल दिया है। सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि राहगीरों, बाइक सवारों और स्थानीय ग्रामीणों का निकलना तक मुश्किल हो गया है। हर गुजरते वाहन के साथ उड़ती धूल लोगों की आंखों और सांसों तक में पहुंच रही है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बढ़ने लगी हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में लगे ठेकेदार द्वारा मनमानी की जा रही है। निर्माण कार्य के दौरान न तो नियमित पानी का छिड़काव किया जा रहा है और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है और हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं।
हर दिन हादसों का खतरा
इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, लेकिन धूल और गड्ढों के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाइक सवारों के लिए यह सड़क सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है। कई बार अचानक सामने से आ रहे वाहन धूल के कारण दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे रहने वाले लोगों का जीवन भी प्रभावित हो चुका है। घरों, दुकानों और खाने-पीने की चीजों तक में धूल जम रही है। बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहा है।
जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई के बजाय अधिकारियों की चुप्पी लोगों में नाराजगी बढ़ा रही है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जनता कब तक इस “मौत की सड़क” पर जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर रहेगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही नियमित पानी का छिड़काव, संकेतक बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
धूल से बढ़ रहा बीमारी का खतरा
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लगातार उड़ रही धूल के कारण बच्चों और बुजुर्गों में खांसी, एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। दिनभर सड़क किनारे धूल का गुब्बारा छाया रहता है, जिससे आसपास का वातावरण भी प्रदूषित हो चुका है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन जनता की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए कब तक कार्रवाई करता है।
अजय पाल







