बालोद
गुरूर थाना क्षेत्र के गुलमोहर कॉलोनी में बीती 24 फरवरी को नवविवाहिता मीनाक्षी भतरिया (28 वर्ष) द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मृतिका को कम दहेज लाने, रंग-रूप और नौकरानी की तरह रहने की बात कहकर ससुराल पक्ष द्वारा लगातार मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे तंग आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन में विशेष जांच टीम गठित की गई थी। गुरूर एसडीओपी श्रीमती माया शर्मा और थाना प्रभारी मुकेश सिंह के नेतृत्व में साइबर सेल की मदद से मृतिका के मायके पक्ष के बयान दर्ज किए गए और कॉल डिटेल खंगाली गई, जिसमें प्रताड़ना की बात सच साबित हुई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी पति प्रवीण कुमार भतरिया, ससुर पग्गू लाल भतरिया, सास गीता भतरिया और जेठानी (डेढ़सास) करुणा चतुर्वेदानी को दुर्ग जिले के ग्राम पथर्रा से हिरासत में लिया और बीएनएस की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर सीजेएम कोर्ट बालोद के आदेश पर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
इस संवेदनशील मामले की गुत्थी सुलझाने और आरोपियों को दबोचने में उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती माया शर्मा, निरीक्षक मुकेश सिंह, सहायक उपनिरीक्षक कुलेश्वर यादव, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक वीणा मरावी, आरक्षक पीतांबर निषाद, विवेक सिन्हा और कोमल साहू की सराहनीय भूमिका रही।
रिपोर्ट:मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़

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