बिलासपुर। बिलासपुर के अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर आयोजित भव्य छात्र सम्मेलन (व्याख्यानमाला) को उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। अपने संबोधन में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का राष्ट्र समर्पण हर पीढ़ी के लिए प्रेरणापुंज है। राजनीतिक कारणों से भले ही लंबे समय तक उनके योगदान को भुलाने की कोशिश की गई, लेकिन देश की एकता और सांस्कृतिक अस्मिता के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान हमेशा अमर रहेगा।
श्री साव ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर और नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) लागू कर डॉ. मुखर्जी के ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ के संकल्प को पूरा किया है। साथ ही, देश की नई शिक्षा नीति और आत्मनिर्भर भारत की सोच भी डॉ. मुखर्जी के विचारों की ही देन है, जिसे आज धरातल पर उतारकर पीएम मोदी ने उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने विद्यार्थियों से डॉ. मुखर्जी के त्याग से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में जुटने का आह्वान किया।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ललित प्रकाश पटैरिया, अखिल भारतीय घर वापसी अभियान के प्रमुख श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, भाजपा शहर जिला अध्यक्ष श्री दीपक सिंह, ग्रामीण जिला अध्यक्ष श्री मोहित जायसवाल, आरएसएस के नगर संघचालक श्री प्रदीप शर्मा, श्री ब्रजेंद्र शुक्ला, श्री प्रफुल्ल शर्मा, श्री विनोद तिवारी और कुल सचिव डॉ. तारणीश गौतम सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़
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