डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
पेयजल व्यवस्था मजबूत करने पीएचई विभाग को 90.39 लाख रुपये जारी, 45 दिनों में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य
डिंडौरी, 16 मई 2026। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट से जूझ रहे लोगों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। जिला प्रशासन के सहयोग से जिले की 23 ग्रामीण नल-जल योजनाओं का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसके लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) को 90 लाख 39 हजार रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है।
जानकारी के अनुसार जिले के कई ग्रामों में नल-जल योजनाएं लंबे समय से बंद पड़ी थीं या मरम्मत के अभाव में प्रभावित हो चुकी थीं। इससे ग्रामीणों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा था। इस संबंध में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार आवेदन, जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं।
ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिव्यांशु चौधरी के निर्देशन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन अंतर्गत बंद पड़ी योजनाओं को पुनः प्रारंभ करने के लिए मरम्मत एवं आवश्यक अवयवों की पूर्ति का निर्णय लिया गया।
इसके बाद संबंधित जनपद पंचायतों से चर्चा कर योजनाओं का चयन किया गया तथा पीएचई विभाग के तकनीकी अमले द्वारा स्थल निरीक्षण कर तकनीकी प्रतिवेदन तैयार किया गया। तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद 23 ग्रामीण नल-जल योजनाओं के सुदृढ़ीकरण एवं शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई।
इन योजनाओं में विकासखंड समनापुर के झांकी, मोहदा एवं माड़ागौर रैयत, करंजिया के लखनपुर एवं करौंदी, बजाग के परस्वाह रैयत, शहपुरा के सलैया माल, दल्काखमरिया, ददरगांव, बड़झर माल एवं डोमदादर, डिंडौरी विकासखंड के धनगांव, बातोंधा, गनवाही, दुहनिया एवं डांडविदयपुर, मेहंदवानी के बर्रई रैयत, खमरिया माल, कुसेरा एवं कनेरी माल तथा अमरपुर के सक्का एवं जैतपुरी ग्राम शामिल हैं।
जिला प्रशासन ने सभी कार्यों को 45 दिवस के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में जिला प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों को स्वच्छ एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
