शहडोल मध्य प्रदेश
त्रिपाठी के संरक्षण में परोसी जा रही अवैध शराब
खाकी की आड़ में ऋषि बुन रहा अवैध कारोबार का जाल
शहडोल। जिला मुख्यालय से सटे दर्जनों इलाके में इन दिनों कानून की नहीं, बल्कि त्रिपाठी और ऋषि की समानांतर सरकार चल रही है। कहने को तो व्यवस्था चाक-चौबंद है, लेकिन हकीकत यह है कि यहां अंग्रेजी शराब की अवैध पैकारी का खेल त्रिपाठी के सीधे संरक्षण में फल-फूल रहा है। भ्रष्टाचार के इस दलदल में ऋषि नामक व्यक्ति मुख्य सूत्रधार की भूमिका निभा रहा है, जो त्रिपाठी के खास सिपहसालार के रूप में पूरे सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहा है।
ब्यौहारी के पुराने खिलाड़ी अब दर्जनों ठीहो के खलीफा
श्री त्रिपाठी का नाम जिले के प्रशासनिक गलियारों में किसी परिचय का मोहताज नहीं है। ब्यौहारी में पदस्थापना के दौरान इनके जो कीर्तिमान रहे हैं, उनकी चर्चा आज भी आम है। पुराने कारनामों की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि सिंदुरी, खोल्हाड़, पचगांव, अंतरा, सिंहपुर जैसे कई इलाके में इन्होंने अवैध शराब के कारोबार को अपना रहमोकरम देना शुरू कर दिया। ताज्जुब की बात यह है कि जिस अधिकारी पर अपराध रोकने की जिम्मेदारी है, उसी के संरक्षण सफेद रंग की बगैर नंबर का मार्सल वाहन इन क्षेत्रों में देखा जाता है।
ऑडियो रिकॉर्डिंग का हथियार
इस पूरे खेल का सबसे दिलचस्प और डरावना पहलू ऋषि नामक व्यक्ति की भूमिका है। चर्चा है कि ऋषि ने अपने आका श्री त्रिपाठी को ही ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसा रखा है। सूत्रों की मानें तो ऋषि के पास श्री त्रिपाठी की कुछ ऐसी आपत्तिजनक ऑडियो रिकॉर्डिंग हैं, जिनके दम पर वह पूरे विभाग को अपनी उंगलियों पर नचा रहा है। यह महज इत्तेफाक नहीं है कि पूर्व के कई अधिकारियों ने इसी ऑडियो बम के डर से अपना तबादला कराना ही बेहतर समझा। आखिर ऐसी कौन सी फाइलें या बातचीत उस रिकॉर्डिंग में दफन हैं, जिससे बड़े-बड़े सूरमा मैदान छोडकऱ भाग खड़े हुए?
सरकारी संरक्षण में इंग्लिश का अवैध साम्राज्य
सिंदुरी, खोल्हाड़, पचगांव, अंतरा, सिंहपुर जैसे कई क्षेत्र अब अवैध अंग्रेजी शराब की मंडी बन चुका है। गली-कूचों में बिकने वाली शराब की हर बोतल पर कथित तौर पर त्रिपाठी टैक्स फिक्स है। जब रक्षक ही भक्षक बन जाए और वर्दी का रसूख शराब के ठेकेदारों की ढाल बन जाए, तो निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद बेमानी हो जाती है। ऋषि जैसे प्यादे श्री त्रिपाठी के नाम का खौफ दिखाकर स्थानीय पुलिस और मुखबिरों का मुंह बंद कर रहे हैं।
अधिकारियों के तबादले की स्क्रिप्ट
यह शहडोल जिले का दुर्भाग्य है कि यहां न्याय की कुर्सी पर बैठने वाले कुछ चेहरे ऑडियो रिकॉर्डिंग और ब्लैकमेलिंग के सिंडिकेट से डरकर सरेंडर कर देते हैं। चर्चा गरम है कि ऋषि की जादुई रिकॉर्डिंग वह ब्रह्मास्त्र है, जिसका उपयोग करके वह मनचाहे तरीके से ट्रांसफर-पोस्टिंग और अवैध वसूली के खेल को अंजाम देता है। श्री त्रिपाठी का इस व्यक्ति को संरक्षण देना कई गहरे दफन राजों की ओर इशारा करता है।
आईजी और एसपी कब लेंगे संज्ञान
शहडोल पुलिस के आलाधिकारी इस त्रिपाठी-ऋषि के गठबंधन से अनभिज्ञ हैं या फिर जानबूझकर अपनी आंखें मूंद रखी हैं? सिंदुरी, खोल्हाड़, पचगांव, अंतरा, सिंहपुर जैसी तमाम क्षेत्र की जनता अवैध शराब और नशे के बढ़ते जाल से त्रस्त है, वहीं विभाग के भीतर का यह भ्रष्टाचार खाकी की साख को सरेआम नीलाम कर रहा है। ब्यौहारी के दागदार इतिहास को देखते हुए श्री त्रिपाठी की वर्तमान भूमिका की उच्चस्तरीय जांच होना अनिवार्य है। यह खबर सिर्फ एक शुरुआत है। अगले अंक में हम खुलासा करेंगे कि कैसे ऑडियो रिकॉर्डिंग के डर से विभाग के ईमानदार अधिकारियों का दम घुटा जा रहा है और कैसे सिंदुरी, खोल्हाड़, पचगांव, अंतरा, सिंहपुर की गलियों से उठने वाला यह अवैध पैसा ऊपर तक पहुंच रहा है।
अजय पाल







