डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की समीक्षा बैठक में प्रशासनिक लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाया गया। बैठक में जिले के विभिन्न एकलव्य विद्यालयों के प्राचार्यों एवं प्रतिनिधियों की उपस्थिति में शैक्षणिक गतिविधियों, विकास कार्यों, बजट उपयोग और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने विद्यालयों में संचालित गतिविधियों, प्राप्त बजट, छात्र उपस्थिति, शिक्षक एवं स्टाफ की उपलब्धता की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विकास कार्यों और वित्तीय अधिकारों के उपयोग पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि आवासीय विद्यालयों में किसी भी प्रकार का कार्य समिति की अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया कि वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित विकास कार्यों और गतिविधियों को पहले समिति के समक्ष प्रस्तुत कर स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा।
बैठक में विगत वर्षों की गतिविधियों की जानकारी समय पर प्रस्तुत न करने पर सभी एकलव्य विद्यालयों के प्राचार्यों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
*शहपुरा विद्यालय पर विशेष नाराजगी*
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शहपुरा के प्राचार्य द्वारा बिना सूचना अवकाश पर जाने और महत्वपूर्ण बैठक में अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इस मामले को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए जवाबदेही तय करने की बात कही गई।
छात्र उपस्थिति की समीक्षा में डिंडौरी में 480 में से 477, शहपुरा में 480 में से 428, मेहदवानी में 450 तथा करंजिया में 478 छात्रों की उपस्थिति दर्ज की गई। शहपुरा में कम उपस्थिति पर भी कलेक्टर ने चिंता जताते हुए शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग राजेन्द्र कुमार जाटव, बीईओ सहित सभी संबंधित अधिकारी एवं विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।







