नीमच जिले मे पूर्व मे अपनी सेवा दे चुके, विष्णुदयाल जोशी को मिलेगा “केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक — 2026”//
👉 तीन जघन्य हत्याकांडों की उत्कृष्ट विवेचना — 09 आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास
👉 DNA, FSL, CCTV फुटेज एवं मेमोरेंडम पर जप्ती जैसे वैज्ञानिक व तकनीकी साक्ष्यों से दिलाई सजा
पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में रतलाम पुलिस द्वारा गंभीर अपराधों में उत्कृष्ट विवेचना एवं प्रभावी पैरवी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि उप निरीक्षक विष्णुदयाल जोशी द्वारा की गई उत्कृष्ट विवेचना के आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपियों को कठोर सजा सुनाई गई तथा पीड़ित पक्षों को न्याय मिल सका।
पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा पर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा वर्तमान में थाना नामली क्षेत्र की बांगरोद चौकी के प्रभारी उप निरीक्षक विष्णुदयाल जोशी को विवेचना में उत्कृष्ट कार्य हेतु “केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक वर्ष 2026” प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची में मध्यप्रदेश से केवल पांच पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जिनमें रतलाम पुलिस के जोशी भी हैं। यह उपलब्धि रतलाम पुलिस के लिए गौरव का विषय है।
पदक प्राप्त अधिकारी — परिचय
नाम / पद– विष्णुदयाल जोशी (वी.डी. जोशी), उप निरीक्षक
वर्तमान पदस्थापना– चौकी प्रभारी बांगरोद, थाना नामली, जिला रतलाम
प्रकरणवार विवरण–
प्रकरण 1 — थाना दीनदयाल नगर, अप.क्र. 105/2020 (धारा 302, 201 भादवि)
दिनांक 07.02.2020 को सूचनाकर्ता राका उर्फ राकेश ने सूचना दी कि फकीरचंद गुर्जर के खेत के पास नाले में उसकी बहन की लाश पड़ी मिली है, जिसके गले पर चोट के निशान थे। थाना दीनदयाल नगर द्वारा मर्ग क्र. 0/20 दर्ज कर जांच की गई। मर्ग जांच में घटनास्थल एवं परिजन साक्षियों के कथन लेखबद्ध किए गए, जिन्होंने मृतिका धनकीबाई के पति रमेश बिलवाल पर शंका जाहिर की। इस पर अप.क्र. 105/2020 धारा 302, 201 भादवि का प्रकरण पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
उत्कृष्ट विवेचना कर साक्ष्य संकलित किए गए। आरोपी द्वारा पत्नी का गला दबाकर हत्या किए जाने का तथ्य सामने आने पर आरोपी के नाखून सुरक्षित कर फॉरेंसिक लैब भेजे गए, जहां नाखून के नमूनों में मृतिका धनकीबाई का DNA पाया गया। इस फॉरेंसिक साक्ष्य ने आजीवन कारावास दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। न्यायालय द्वारा दिनांक 29.08.2025 को आरोपी रमेश बिलवाल को सश्रम आजीवन कारावास एवं ₹5,000 अर्थदंड से दंडित किया गया।
प्रकरण 2 — थाना दीनदयाल नगर, अप.क्र. 139/2020 (धारा 307, 294, 34 भादवि, इजाफा धारा 302 भादवि)
दिनांक 23.02.2020 को रात्रि लगभग 10:15 बजे ईश्वर नगर, रतलाम में एक विवाह समारोह के दौरान हंसी-मजाक से शुरू हुआ विवाद मारपीट में बदल गया। आरोपी राहुल डिंडोर ने साथियों के साथ मिलकर पवन उर्फ पोपट पर चाकू से हमला किया, जबकि आरोपी विक्की ने पथराव कर पवन के भाई अप्पू उर्फ नरेश को चोट पहुंचाई। उपचार के दौरान पवन की मृत्यु हो जाने पर प्रकरण अप.क्र. 139/2020 (धारा 307, 294, 34 भादवि) में धारा 302 भादवि का इजाफा किया गया।
विवेचना में घटनास्थल से खून आलूदा मिट्टी जप्त की गई तथा आरोपी राहुल के मेमोरेंडम के आधार पर नाले के पास पत्थर के नीचे छिपाया गया खटकेदार चाकू एवं घर के बिस्तर में छिपाई गई खून लगी टी-शर्ट जप्त की गई। FSL जांच में मृतक के कपड़ों पर मिले कटे के निशान जप्त चाकू से हुए प्रहार के समान पाए गए, वहीं DNA जांच में आरोपी राहुल से जप्त टी-शर्ट पर मृतक पवन का DNA मिला। दो विधि विरुद्ध बालकों के विरुद्ध पृथक से अभियोग पत्र किशोर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
कुछ साक्षियों द्वारा अभियोजन कथानक का समर्थन न किए जाने के बावजूद फरियादी, मृतक के भाई एवं अन्य चक्षुदर्शी साक्षी के कथन तथा FSL-DNA साक्ष्य के आधार पर माननीय न्यायालय ने दिनांक 12.11.2025 को राहुल डिंडोर को सश्रम आजीवन कारावास एवं कुल ₹7,000 अर्थदंड तथा विक्की डिंडोर को 01 वर्ष सश्रम कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड से दंडित किया।
प्रकरण 3 — थाना औद्योगिक क्षेत्र रतलाम, अप.क्र. 806/2024 (धारा 103(1), 238, 3(5) बीएनएस)
दिनांक 31.10.2024 की शाम लगभग 07:00 बजे सूचनाकर्ता मंगलेश पाटीदार को गोधुलिया तालाब के सामने नगर निगम की बैठक कुर्सी पर एक व्यक्ति मृत अवस्था में बैठा मिला। मृतक की पहचान मणिलाल पिता शंभूजी मईडा, निवासी ग्राम रामपुरिया थाना सरवन के रूप में हुई। थाना औद्योगिक क्षेत्र रतलाम पर मर्ग क्र. 52/2024 धारा 194 बीएनएसएस दर्ज कर जांच की गई। शव परीक्षण रिपोर्ट में शरीर पर आई चोटों से मृत्यु होना पाया गया।
फतेहगढ़ मगरा स्थित सुजलॉन कंपनी के सीएमएस कार्यालय के CCTV फुटेज की जांच में बोलेरो वाहन से उतरते व्यक्तियों की पहचान सुरक्षा गार्ड-सुपरवाइजर के रूप में हुई तथा एक व्यक्ति को लाकर उसके साथ मारपीट करते हुए (एक आरोपी के हाथ में केबल वायर का टुकड़ा और दूसरे के हाथ में लट्ठ) दृश्य मिले। चोरी की शंका में पकड़कर की गई इस मारपीट में आई चोटों से मणिलाल की मृत्यु हुई, जिसके बाद शव गोधुलिया तालाब के पास छोड़ दिया गया। प्रकरण में अप.क्र. 806/2024 धारा 103(1), 238, 3(5) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना की गई।
घटना में प्रयुक्त लाठियों की FSL जांच में उन पर मानव त्वचा के अंश पाए गए। बीएनएसएस की धारा 105 के तहत आरोपियों की संस्वीकृति पर आलाजरब की जप्ती वीडियोग्राफी कराते हुए की गई तथा आरोपियों ने घटना स्थल की तस्दीक कराई। वीडियो माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किए गए, जिन्हें साक्ष्य में ग्रहण किया गया। इस प्रकार घटना के एक वर्ष से भी कम समय में, दिनांक 23.09.2025 को न्यायालय ने सभी सात आरोपियों — जुझार पिता हरिश्चंद्र डिंडोर, संतोष पिता नाथूलाल कटारा, कन्हैयालाल उर्फ कान्हा पिता कोदर मईड़ा, जगदीश पिता बाबू मईड़ा, रामसिंह पिता मनजी गरवाल, जुझार पिता लूणा मईड़ा एवं धारजी पिता हकरू कटारा — को सश्रम आजीवन कारावास एवं ₹4,000-₹4,000 अर्थदंड से दंडित किया।
उत्कृष्ट विवेचना के प्रमुख आधार–
वैज्ञानिक साक्ष्य : नाखून के नमूने में मृतिका का DNA (प्रकरण 1), चाकू एवं खून लगे कपड़ों पर FSL-DNA रिपोर्ट (प्रकरण 2) तथा लाठियों पर मानव त्वचा के अंश की FSL रिपोर्ट (प्रकरण 3)।
तकनीकी साक्ष्य : सुजलॉन कंपनी के CCTV फुटेज से आरोपियों की पहचान एवं घटनाक्रम की पुष्टि।
मेमोरेंडम पर जप्ती : आरोपियों की निशानदेही पर चाकू, कपड़े, लाठी आदि की बरामदगी तथा बीएनएसएस की धारा 105 के तहत वीडियोग्राफी।
सशक्त चालान एवं पैरवी : साक्ष्यों का सुव्यवस्थित संकलन कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया, जिससे आरोपियों को कठोर दंड मिला।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के मार्गदर्शन में रतलाम पुलिस गंभीर अपराधों में त्वरित एवं वैज्ञानिक विवेचना तथा न्यायालय में प्रभावी पैरवी के माध्यम से अपराधियों को सजा एवं पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
जिला ब्यूरो ललित सिंह चुंडावत नीमच✍️
