डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
मुख्य मार्ग से लगा स्कूल, फिर भी रास्ता बदहाल; लीकेज से सालभर रहता है कीचड़, गिरकर चोटिल हो रहे बच्चे
शहपुरा। विकासखंड मुख्यालय शहपुरा में स्थित जनपद प्राथमिक शाला तक पहुंचने का रास्ता नौनिहालों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। विद्यालय में करीब 50 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन उन्हें प्रतिदिन कीचड़ और फिसलन से भरे रास्ते से होकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि आए दिन बच्चे कीचड़ में फिसलकर गिर रहे हैं, जिससे चोट लगने के साथ उनकी स्कूल ड्रेस और किताब-कॉपियां खराब होने का भी खतरा बना रहता है।
नेशनल हाईवे से लगा स्कूल, फिर भी रास्ते की सुध नहीं
हैरानी की बात यह है कि जनपद प्राथमिक शाला नेशनल हाईवे के मुख्य मार्ग से लगी हुई है। इसके बावजूद स्कूल तक जाने वाले रास्ते की बदहाली जिम्मेदार अधिकारियों की नजरों से ओझल बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से रास्ते की स्थिति खराब है, लेकिन नगर परिषद की ओर से समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए।
बारिश ही नहीं, दूसरे मौसम में भी रहता है कीचड़
यह समस्या केवल बारिश के दिनों तक सीमित नहीं है। स्थानीय रहवासियों के मुताबिक इसी रास्ते पर जलापूर्ति लाइन का वाल्व लगा हुआ है, जिससे लगातार पानी का रिसाव होता रहता है। पानी बहने के कारण रास्ता सामान्य दिनों में भी गीला और कीचड़युक्त बना रहता है। ऐसे में छोटे बच्चों को स्कूल आते-जाते समय काफी संभलकर चलना पड़ता है।
सवाल—नौनिहालों की परेशानी कब देखेंगे जिम्मेदार?
एक ओर बच्चों को बेहतर शिक्षा और स्कूलों में सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, वहीं विकासखंड मुख्यालय पर ही प्राथमिक विद्यालय के बच्चे सुरक्षित और सुगम रास्ते जैसी बुनियादी सुविधा के लिए जूझ रहे हैं। स्थिति नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है कि जब समस्या मुख्य मार्ग से लगे विद्यालय की है और लगातार सामने है, तो अब तक इसका समाधान क्यों नहीं किया गया?
स्थानीय रहवासियों ने नगर परिषद से लीकेज वाले वाल्व की तत्काल मरम्मत कराने के साथ स्कूल पहुंच मार्ग से कीचड़ हटाकर रास्ते को व्यवस्थित कराने की मांग की है, ताकि नौनिहाल बिना फिसलने और चोटिल होने के डर के सुरक्षित तरीके से विद्यालय पहुंच सकें।
