डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
वीबी-जी राम जी योजना के अमले ने सौंपा ज्ञापन; योग्य अधिकारी को प्रभार देने सहित वीसी, वेतन और कार्रवाई की प्रक्रिया पर रखीं कई मांगें
डिंडौरी। वीबी-जी राम जी योजना में परियोजना अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार एक आउटसोर्स कर्मचारी को सौंपे जाने को लेकर योजना में पदस्थ इंजीनियरों एवं अधीनस्थ अमले ने सवाल खड़े किए हैं। कर्मचारियों ने विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए परियोजना अधिकारी का प्रभार नियमानुसार योग्य एवं अनुभवी अधिकारी को देने की मांग की है। इसके साथ ही कार्यालयीन समय के बाद एवं अवकाश के दिनों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक कराने, कथित अमर्यादित व्यवहार, नोटिस और वेतन संबंधी मामलों को भी ज्ञापन में प्रमुखता से उठाया गया है।
ज्ञापन में जिला पंचायत डिंडौरी द्वारा जारी आदेश का हवाला देते हुए कर्मचारियों ने बताया कि वीबी-जी राम जी योजना के परियोजना अधिकारी पद का अतिरिक्त प्रभार वर्तमान में जिला परियोजना प्रबंधक आरजीएसए ईश्वर प्रसाद साहू को सौंपा गया है। कर्मचारियों का दावा है कि साहू की नियुक्ति आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से हुई है और उनकी परियोजना अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाई गई है।
योग्यता और योजना की जानकारी को लेकर आपत्ति
कर्मचारियों ने ज्ञापन में दावा किया है कि परियोजना अधिकारी का पद योजना के क्रियान्वयन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है और इस जिम्मेदारी को संभालने वाले अधिकारी के पास योजना की पर्याप्त जानकारी, निर्धारित योग्यता एवं आवश्यक अनुभव होना चाहिए। अमले ने वर्तमान व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे अधिकारी के पास पद के अनुरूप अपेक्षित योग्यता एवं योजना से संबंधित पर्याप्त जानकारी नहीं है। कर्मचारियों ने योजना के सुचारु संचालन के लिए नियमानुसार योग्य और अनुभवी अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपने की मांग की है।
ऑफिस टाइम के बाद वीसी पर भी नाराजगी
ज्ञापन में कार्यालयीन समय समाप्त होने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित करने पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। कर्मचारियों का कहना है कि मैदानी अमला कई बार क्षेत्रीय भ्रमण और शासकीय कार्य पूरा कर शाम को लौट रहा होता है। ऐसे में रास्ते में वीसी से जुड़ने की स्थिति बनती है, जिससे सुरक्षा संबंधी जोखिम उत्पन्न हो सकता है। कर्मचारियों ने कार्यालयीन समय के बाद वीसी बैठक आयोजित नहीं करने की मांग रखी है।
इसके साथ ही शासकीय अवकाश के दिनों में भी वीसी के माध्यम से समीक्षा बैठक बुलाए जाने का विरोध किया गया है। कर्मचारियों ने मांग की है कि अवकाश के दिनों में अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों को बैठक में शामिल होने के लिए बाध्य न किया जाए। समीक्षा बैठकों के दौरान कथित तौर पर अशोभनीय एवं अमर्यादित शब्दावली के इस्तेमाल का मुद्दा उठाते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच संवाद में शासकीय गरिमा बनाए रखने की मांग भी की गई है।
नोटिस, जांच और वेतन रोकने की कार्रवाई पर सवाल
अमले ने बिना उचित कारण बताए नोटिस जारी करने, जांच बैठाने, वेतन में कटौती करने अथवा वेतन रोकने जैसी कार्रवाई को लेकर भी नाराजगी जताई है। ज्ञापन में कहा गया है कि किसी कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई से पहले वास्तविक परिस्थितियों की जांच और संबंधित कर्मचारी का पक्ष सुना जाना चाहिए, ताकि एकतरफा कार्रवाई की स्थिति न बने।
उपयंत्री के लंबित वेतन का मामला भी उठाया
ज्ञापन में जनपद पंचायत करंजिया में पदस्थ उपयंत्री सुनील हरमन का मामला भी प्रमुखता से रखा गया है। कर्मचारियों के अनुसार हरमन करीब दो वर्ष पहले पैरालाइज हो गए थे। स्वास्थ्य में सुधार के बाद करीब पांच माह पूर्व उन्होंने कार्यालय में दोबारा उपस्थिति दर्ज कराई, लेकिन कर्मचारियों का दावा है कि इसके बावजूद अब तक उनका वेतन भुगतान नहीं हुआ और पदस्थापना भी नहीं दी गई है। अमले ने लंबित वेतन भुगतान कराने और नियमानुसार पदस्थापना देने की मांग की है।
कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से परियोजना अधिकारी के प्रभार से लेकर समीक्षा बैठकों के समय, विभागीय कार्रवाई और लंबित वेतन तक के मामलों का समयबद्ध निराकरण करने की मांग की है। उनका कहना है कि समस्याओं का समाधान होने से मैदानी अमले को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा और योजना का क्रियान्वयन भी सुचारु रूप से हो सकेगा।
