किसान यूनियन बहोरीबंद ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन किसानों की मांगें हुई तेज़, पराली जलाने पर एफ.आई.आर. की कार्रवाई से भयभीत किसान बोले समाधान चाहिए, सज़ा नहीं0731d408 f76d 403a 92f6 922ab90530f9

कटनी | बहोरीबंद क्षेत्र के किसानों की समस्याएँ दिन-ब-दिन गहराती जा रही हैं।खेती-किसानी के हालात वैसे ही चुनौतीपूर्ण हैं ऊपर से प्रशासनिक कठोरता ने किसानों के जीवन को और कठिन बना दिया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर किसान यूनियन बहोरीबंद ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी बहोरीबंद को सौंपा, जिसमें उन्होंने कृषि व्यवस्था से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समस्याओं के समाधान की मांग की। ज्ञापन में प्रमुख रूप से कहा गया है कि इस समय बहोरीबंद और आसपास के गांवों के किसान पराली जलाने के मामलों में दर्ज हो रही एफ.आई.आर. की कार्यवाही से अत्यंत भयभीत हैं।पराली जलाना किसानों की मजबूरी है, न कि उनकी इच्छा। छोटे और सीमांत किसानों के पास इतनी बड़ी मशीनरी या आर्थिक साधन नहीं हैं कि वे पराली को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट कर सकें, स्मरण रहे कि किसानों पर पराली जलाने पर एफ. आई. आर न की जाए बल्कि उन्हें जागरूक किया जाए और पर्याप्त समय सीमा प्रदान की जाए धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपए किया जाए ताकि उनके परिश्रम का उचित लाभ मिल सकें, ग्रामीण क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में सुधार किया जाए जहां ट्रांसफार्मर खराब हैं उनको तत्काल बदला जाए बिजली आपूर्ति दिन में एवं समय अवधि बढ़ाकर दी जाए ताकि किसान फसल सिंचाई सुचारु रूप से कर सकें किसानों को ऋण पुनर्गठन एवं ब्याज माफी की योजना का लाभ शीघ्र मिले। कृषि विभाग ‌द्वारा सहायता राशि वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए । किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है किसानों की समस्या का निदान तत्काल किया जाना चाहिए नहीं तो किसान संघ उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर हों जायेगा।
🖋️ पुलिस वाला न्यूज़ कटनी से पारस गुप्ता की रिपोर्ट

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