
मारे गए नक्सली की पहचान बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि रूपी बस्तर क्षेत्र में सक्रिय अंतिम तेलुगू माओवादी कैडर थी। वह कुख्यात डीकेएसजेडसी सदस्य विजय रेड्डी की पत्नी थी, जो पिछले वर्ष मानपुर-मोहला में सुरक्षाबलों के हाथों मारा गया था। बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शासन की पुनर्वास नीति के बावजूद हिंसा का रास्ता चुनने वालों का अंत ऐसा ही होता है। उन्होंने शेष माओवादियों को चेतावनी भरे लहजे में मुख्यधारा में लौटने और शांतिपूर्ण जीवन शुरू करने की अंतिम अपील की है। फिलहाल इलाके में सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है।
रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ,पुलिसवाला न्यूज़
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