गरियाबंद। जिला मुख्यालय के सबसे संवेदनशील और वीआईपी क्षेत्र सिविल लाइन में, कलेक्टर निवास के ठीक सामने राम-जानकी मंदिर, गौरीशंकर मंदिर और हनुमान मंदिर परिसर के पास खड़े 50–60 वर्ष पुराने विशाल नीलगिरी के पेड़ अब खुलेआम प्रशासनिक लापरवाही की कहानी बयां कर रहे हैं। पेड़ों की कई भारी-भरकम शाखाएं खतरनाक ढंग से झुक चुकी हैं, जिनके नीचे से विद्युत लाइन गुजर रही है। इसके बावजूद संबंधित विभाग मानो किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।
श्री रामजानकी मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता नरेंद्र देवांगन ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, वन विभाग, विद्युत विभाग, एसडीएम, तहसीलदार, नगर पालिका अध्यक्ष, सीएमओ और वार्ड पार्षद सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर तत्काल कटाई-छंटाई की मांग की है। लेकिन सवाल यह है कि क्या आवेदन सिर्फ फाइलों की शोभा बढ़ाने के लिए दिए जाते हैं?
प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। इसी मार्ग से अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, स्कूली बच्चे और आम नागरिक भी गुजरते हैं। इसके बावजूद यदि जिम्मेदार विभाग खतरे को नजरअंदाज कर रहे हैं, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि जनसुरक्षा के प्रति गंभीर उदासीनता मानी जाएगी।
बारिश और तेज हवाओं के बीच भारी शाखाओं के टूटने का खतरा लगातार बना हुआ है। यदि कोई शाखा विद्युत तारों पर गिरती है तो न केवल बिजली आपूर्ति बाधित होगी, बल्कि करंट फैलने जैसी भयावह स्थिति भी पैदा हो सकती है। इसके बाद यदि कोई जनहानि होती है तो क्या संबंधित विभाग जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं?
बड़ा सवाल
लगता है विभागों का सिद्धांत बन गया है—”जब तक हादसा न हो, तब तक कार्रवाई क्यों हो?”
आखिर शिकायतों पर अमल करने के लिए किसी की जान जाना जरूरी है क्या? क्या जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ हादसे के बाद औपचारिक जांच और मुआवजे की घोषणा करने के लिए ही सक्रिय होते हैं?
पहले भी नहीं ली सीख
कुछ दिन पहले गरियाबंद वन विभाग परिसर में एक विशाल नीलगिरी का पेड़ गिरने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो चुकी है। उस हादसे के बाद उम्मीद थी कि शहर के अन्य खतरनाक पेड़ों का सर्वे कर समय रहते कार्रवाई होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब कलेक्टर निवास के सामने झुके पेड़ प्रशासन को मानो खुली चुनौती दे रहे हैं। यदि इस बार भी जिम्मेदार विभाग नहीं चेते, तो किसी संभावित दुर्घटना की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी से वे बच नहीं सकेंगे।
रिपोर्ट नेहरू साहू जिला ब्यूरो पुलिस वाला न्यूज गरियाबंद

