रायपुर:
रायपुर रेंज पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस महानिरीक्षक (रेंज रायपुर) अमरेश मिश्रा के सख्त निर्देशों पर रेंज साइबर थाना रायपुर और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
यह गिरोह फर्जी कंपनियों और फर्जी सिम कार्डों का सहारा लेकर देश भर में लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था। जांच में सामने आया है कि आरोपियों के बैंक खातों के खिलाफ विभिन्न राज्यों के 20 से अधिक थानों और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरणों एवं गिरफ्तार आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:
प्रमुख मामले और ठगी का विवरण
बलौदाबाजार (थाना पलारी): प्रार्थी डागेश चंद्राकर से 69 लाख रुपये की ठगी के मामले में सूरत (गुजरात) से दो आरोपियों—शुभम चौहान (22 वर्ष, सूरत) और साबले प्रेम विश्वास (23 वर्ष, सूरत)—को गिरफ्तार किया गया।
बलौदाबाजार (थाना भाटापारा सिटी): प्रार्थी मुकेश विश्वकर्मा से 12 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी अनुज सेन (29 वर्ष, निवासी कटनी, मध्य प्रदेश) को जबलपुर से पकड़ा गया। आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर बैंक खाते खुलवाने और ठगी का काम करता था।
रायपुर (थाना मंदिर हसौद): प्रार्थी वेदप्रकाश बघेल से 34 लाख रुपये की ठगी के मामले में आरोपी विक्की लक्ष्मीचंद राहंगडाले (33 वर्ष, निवासी गोंदिया, महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया गया, जिसने जयपुर जाकर फर्जी खातों के माध्यम से रकम जमा कराई थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ठगी की राशि को होल्ड और जब्त करने की प्रक्रिया जारी है, वहीं गिरोह से जुड़े अन्य सहयोगियों की भी तलाश की जा रही है।
रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़

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