रायपुर। गुढ़ियारी थाना क्षेत्र से नाबालिग बालिका का अपहरण कर जबरन विवाह कराने और मानव तस्करी के सनसनीखेज मामले में बीते 18 महीनों से फरार चल रहे ईनामी दंपत्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मूलतः बालाघाट निवासी राजेंद्र कामड़े (उर्फ राजेश यादव) और मुंगेली निवासी लक्ष्मी यादव के रूप में हुई है।
फरवरी 2025 में गुढ़ियारी निवासी एक बालिका घर से अचानक लापता हो गई थी। पुलिस जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बालिका को मध्य प्रदेश के छतरपुर से बरामद किया गया। पीड़िता से पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी राजेश यादव उसे बहला-फुसलाकर ले गया था और छतरपुर में बाबूलाल नामक व्यक्ति से उसका जबरदस्ती विवाह करा दिया था। पुलिस की शुरुआती जांच में अप्रैल 2025 को बाबूलाल अहिरवार और सुषमा पटेल को गिरफ्तार किया गया, जिनसे पूछताछ में पता चला कि मुख्य आरोपी राजेश और उसकी पत्नी लक्ष्मी ने बालिका को एक लाख रुपये में बेचा था।
घटना के बाद से ही आरोपी दंपत्ति लगातार अपनी पहचान बदलकर फरार चल रहे थे, जिनकी गिरफ्तारी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा नकद इनाम की घोषणा की गई थी। हाल ही में रायपुर पुलिस को आरोपियों की शहर में मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर घेराबंदी कर दोनों को धर दबोचा गया। पुलिस द्वारा वैधानिक कार्यवाही करते हुए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
रिपोर्ट:मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ,पुलिसवाला न्यूज़

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