RI-पटवारी के गठजोड़ से सीमांकन अटका

​• पूर्व सीमांकन को दरकिनार कर जबरन चलवाया ट्रैक्टर, ‘माटी के मोल’ जमीन हथियाने का रचा जा रहा चक्रव्यूह

​• सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई में शिकायत के बाद भी न्याय की आस में दर-दर भटक रहा पीड़ित किसान

​शहडोल।मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में राजस्व महकमे के रसूख और पद के दुरुपयोग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जयसिंहनगर तहसील के ग्राम पौड़ी कला निवासी पीड़ित किसान लक्ष्मण पाल (पिता राम विशाल पाल) ने राजस्व निरीक्षक (RI) रामपाल सिंह और उनके परिजनों पर पद का धौंस दिखाकर बेशकीमती जमीन पर जबरन अवैध कब्जा करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
​पीड़ित का आरोप है कि आरआई रामपाल सिंह अपने प्रशासनिक रसूख का इस्तेमाल कर स्थानीय पटवारी और वर्तमान राजस्व अमले पर दबाव बना रहे हैं, ताकि किसान को इतना प्रताड़ित कर दिया जाए कि वह अपनी जमीन ‘माटी के भाव’ (कौड़ियों के दाम) बेचने को मजबूर हो जाए।

​वैध पंचनामे को पैरों तले रौंदा, जबरन जोत दी जमीन

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित किसान लक्ष्मण पाल की स्वामित्व वाली भूमि खसरा नंबर 564/17 का पूर्व में तत्कालीन राजस्व निरीक्षक मनोज पटेल एवं हल्का पटवारी शिवम तिवारी द्वारा 15 फरवरी 2025 को विधिवत सीमांकन किया गया था। इस सीमांकन का पंचनामा व प्रमाणित नकल भी पीड़ित के पास सुरक्षित है।
​आरोप है कि इस सीमांकन को ठेंगे पर रखते हुए आरआई रामपाल सिंह एवं उनके परिजनों ने अपने पद व रसूख के बल पर विवाद खड़ा किया और किसान की जमीन पर जबरन ट्रैक्टर चलाकर जुताई कर ली तथा उस पर अवैध रूप से काबिज हो गए।

​प्रशासनिक दबाव में दबा पुनः सीमांकन का आवेदन

​पीड़ित किसान ने जब अपनी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए पुनः सीमांकन की अर्जी लगाई, तो रसूखदार आरआई के प्रभाव में आकर वर्तमान हल्का पटवारी और आरआई मौके पर सीमांकन करने से कतरा रहे हैं। आरोप है कि राजस्व अमला खुलेआम अपने ही विभाग के वरिष्ठ सहकर्मी का बचाव कर रहा है और पीड़ित की फाइलों को ठंडे बस्ते में डाल रहा है।

​सीएम हेल्पलाइन में भी ‘फर्जीवाड़ा’, बिना सहमति बंद की शिकायत

​पीड़ित लक्ष्मण ने न्याय की गुहार लगाते हुए जिला जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष अर्जी पेश की थी और सीएम हेल्पलाइन (181) पर भी शिकायत दर्ज कराई थी (शिकायत क्र. 39347498)।
​हैरानी की बात यह है कि राजस्व अमले ने पीड़ित की सहमति और संतुष्टि के बिना ही मिलीभगत कर शिकायत को कागजों में विलोपित/बंद (खात्मा) कर दिया।

​कलेक्टर से निष्पक्ष वरिष्ठ जांच दल गठित करने की मांग

​तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी (SDM) के और जिला प्रशासन के चक्कर काट-काट कर थक चुके किसान ने एक बार फिर जिला कलेक्टर शहडोल के समक्ष गुहार लगाई है। किसान ने मांग की है कि:
​राजस्व विभाग के निष्पक्ष व वरिष्ठ अधिकारियों का दल गठित कर खसरा क्र. 564/17 का त्वरित पुनः सीमांकन कराया जाए।
​दबंगों व अवैध कब्जाधारियों से किसान की जमीन को तत्काल मुक्त कराकर विधिवत भौतिक कब्जा दिलाया जाए।
​सीएम हेल्पलाइन की शिकायत को नियम विरुद्ध बंद करने वाले लापरवाह कर्मचारियों और पद का दुरुपयोग करने वाले आरोपियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

अजय पाल

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