एमपी नई शराब नीति 2026: नहीं खुलेंगी नई दुकानें, ई-नीलामी से खत्म होगा ठेकेदारों का एकाधिकार
छिंदवाड़ा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी गई है। यह नीति 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में लागू होगी।
सरकार ने इस बार राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शिता और छोटे समूहों को मौका देने पर जोर दिया है।
खबर के मुख्य बिंदु:
ई-नीलामी से होगा आवंटन: अब तक चली आ रही ‘रिन्यूअल’ (नवीनीकरण) की प्रक्रिया को खत्म कर दिया गया है। प्रदेश की सभी 3,553 शराब दुकानों की अब ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के माध्यम से नीलामी की जाएगी।5-5 दुकानों के छोटे क्लस्टर: बड़े ठेकेदारों के वर्चस्व को कम करने के लिए दुकानों को अधिकतम 5-5 के छोटे समूहों (Clusters) में बांटा जाएगा। इससे स्थानीय और छोटे व्यवसायियों को भी ठेके मिलने की राह आसान होगी।
कीमतों में 20% तक का उछाल: सरकार ने दुकानों के आरक्षित मूल्य (Base Price) में 20% की बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही लाइसेंस फीस और ड्यूटी बढ़ने के कारण शराब और बीयर की कीमतों में 20% तक की वृद्धि होने के आसार हैं।
धार्मिक मर्यादा का पालन: नर्मदा नदी के दोनों तटों से 5 किलोमीटर के दायरे में शराब बिक्री पर प्रतिबंध जारी रहेगा। साथ ही प्रदेश के पवित्र नगरों में भी नई शराब नीति के तहत कोई छूट नहीं दी गई है।
अहाते रहेंगे बंद: पिछली नीति की तरह ही इस बार भी अहाते (दुकानों के पास बैठकर पीने की जगह) बंद रखने का फैसला बरकरार रखा गया है।
किसानों और आदिवासियों के लिए खास:-किसानी से जुड़े और आदिवासियों के लिए इस नीति में एक बड़ा अवसर है। सरकार ने महुआ हेरिटेज मदिरा और फल आधारित वाइन (अंगूर, जामुन आदि) को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। ऐसी वाइन को आबकारी शुल्क (Excise Duty) से मुक्त रखा गया है, ताकि फल उत्पादक किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिल सके।
डिजिटल व्यवस्था और सुरक्षा:भ्रष्टाचार रोकने के लिए अब पुरानी एफडी (FD) या साधारण बैंक गारंटी के बजाय केवल ई-चालान और ई-बैंक गारंटी ही स्वीकार की जाएगी। शराब निर्माता अब सीधे सरकारी पोर्टल पर अपने ब्रांड और कीमतें घोषित कर सकेंगे,,
ब्यूरो पुलिसवाला छिंदवाड़ा _अमित मिश्रा
