गरियाबंद।
उप संचालक कृषि विभाग के निर्देशन में एवं वरिष्ठ कृषि अधिकारी गरियाबंद के मार्गदर्शन में जिले के ग्राम पारागांव, चिखली, सढ़ौली में किसानों को उन्नत एवं जैविक खेती के प्रति जागरूक करने हेतु हरि खाद—सन, ढैंचा एवं ब्लू ग्रीन एल्गी निर्माण पर आधारित प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया जा रहा है।
इस कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों द्वारा किसानों को हरि खाद (ग्रीन मैन्योर) के महत्व, उसके उपयोग एवं लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई।
विशेष रूप से सन एवं ढैंचा फसल के माध्यम से भूमि की उर्वरता बढ़ाने, नाइट्रोजन की पूर्ति करने तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के बारे में बताया गया।
प्रशिक्षण के दौरान ब्लू ग्रीन एल्गी (नील हरित शैवाल) तैयार करने की विधि का भी व्यवहारिक प्रदर्शन किया गया, जिससे धान फसलों में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन की आपूर्ति कर उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। विशेषज्ञों ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपाय भी समझाए।
कार्यशाला में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी चित्रगुप्त कश्यप, ग्राम के पूर्व सरपंच मंडल महामंत्री धनंजय नेताम , चिखली के उप सरपंच धनराज विश्वकर्मा मंडल अध्यक्ष एवं कृषि सखी,पशु सखी सहित ग्रामीण कृषक उपस्थित रहे किसानों ने प्रशिक्षण में गहरी रुचि दिखाई तथा जैविक खेती अपनाने का संकल्प लिया।
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को आत्मनिर्भर बनाने एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया एवं उन्हें भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण से लाभान्वित होने हेतु प्रेरित किया गया।
नेहरू साहू जिला ब्यूरो पुलिस वाला न्यूज गरियाबंद

