स्लीमनाबाद/मटवारा। शारदीय नवरात्र की अष्टमी के पावन अवसर पर ग्राम मटवारा के बर्मन मोहल्ला में माता रानी की भक्ति और आस्था से ओतप्रोत सैकड़ों मीटर लंबी चुनरी यात्रा निकाली गई। इस भव्य यात्रा में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और माता रानी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

इस धार्मिक परंपरा में पंडा जित्तू बर्मन का विशेष योगदान रहा है। माता रानी के मंदिर का निर्माण भी जित्तू बर्मन, पिता मिलन बर्मन, के द्वारा करवाया गया था। मंदिर निर्माण के बाद से ही चुनरी यात्रा की यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। समस्त बर्मन मोहल्ला के लोगों के सहयोग के साथ-साथ ग्रामवासियों की सहभागिता भी इस आयोजन को विशेष बनाती है।

बर्मन मोहल्ला की आपसी एकता, अटूट श्रद्धा और सामूहिक सहयोग ही इस परंपरा की सबसे बड़ी ताकत है। वर्षों से चली आ रही यह धार्मिक परंपरा समाज में भाईचारे और एकजुटता का संदेश दे रही है।

वहीं, बर्मन बालक मंडल द्वारा प्रतिवर्ष मां काली की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इसी क्रम में आज अष्टमी के पावन अवसर पर मां काली की महाआरती का आयोजन भी रखा गया, जिसमें श्रद्धालुओं के शामिल होकर माता का आशीर्वाद लेने की परंपरा रही।

मटवारा की यह चुनरी यात्रा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि आस्था, सामाजिक समरसता और सामूहिक सहयोग का प्रतीक भी है। ग्रामीणों के आपसी प्रेम और समर्पण से यह परंपरा आज भी जीवंत बनी हुई है।

मंडल के सदस्य पंच सचिन बर्मन,चंद्रभान,श्यामलाल,भोला, रामखिलावन, ओमकार,सतेंद्र,सुरजीत, धर्मेंद्र,ऋतिक,महेश,राजा, राजेंद्र,दिलीप,अंशु,संदीप,विनोद, गोकल,कैलाश,मोनू,अजय,भारत, हरिओम बर्मन हैं।

पुलिस वाला न्यूज कटनी से नवीन पांडे की रिपोर्ट।

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