डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
महाविद्यालय में हुआ आयोजन, सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने का दिया संदेश
शहपुरा – महाविद्यालय परिसर शहपुरा में गुरुवार को अक्षय ऊर्जा दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य पी.एस. वरकड़े ने की। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को ऊर्जा संरक्षण एवं अक्षय ऊर्जा के अधिक से अधिक उपयोग की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भौतिकी विभाग के डॉ. आलोक डहेरिया ने अक्षय ऊर्जा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवाश्म ईंधन के स्रोत लगातार सीमित होते जा रहे हैं। ऐसे में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल ऊर्जा और बायोमास जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से घर और महाविद्यालय में बिजली की अनावश्यक खपत रोकने, एलईडी बल्ब का उपयोग करने तथा सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।कार्यक्रम का संचालन भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. नरेन्द्र सिंह ठाकुर ने किया। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा सदैव प्रकृति के साथ संतुलन और समग्र विकास का संदेश देती रही है। सूर्य, वायु, जल और पृथ्वी के संरक्षण की भारतीय अवधारणा आधुनिक अक्षय ऊर्जा के विचारों से भी जुड़ी हुई है।कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी डॉ. ए.के. झारिया, डॉ. दीपक अग्रवाल एवं डॉ. कल्पना सागर ने संभाली। इस दौरान विद्यार्थियों ने ऊर्जा संरक्षण से जुड़े विषयों पर सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। कार्यक्रम में डॉ. सुषमा मिश्रा, डॉ. प्रीति नेगी, डॉ. ए.के. राय, डॉ. रश्मि चक्रवर्ती, डॉ. ज्योति त्रिपाठी, डॉ. सी.एल. रैदास, मधुर मरावी, अभिषेक पटेल, कृति जैन, आकांक्षा, डॉ. प्रदीप तिवारी, डॉ. राजेश तिवारी, डॉ. खेमराज, डॉ. एस.एस. पटेल, डॉ. नीरज, डॉ. टी.पी. साहू सहित महाविद्यालय के समस्त सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में अभिषेक पटेल ने कहा कि अक्षय ऊर्जा को अपनाकर ही स्वच्छ और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
