वन्यजीवों के अवैध शिकार पर वन विभाग की कार्रवाई, न्यायालय ने 5 नवंबर तक न्यायिक रिमांड पर भेजा
गरियाबंद। वन्यजीवों के अवैध शिकार के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ओडिशा के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें 5 नवंबर 2026 तक न्यायिक रिमांड पर जिला जेल गरियाबंद भेज दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026 को वन परिक्षेत्र तौरेंगा बफर के अंतर्गत परिसर गरीबा के आरक्षित वन क्षेत्र कक्ष क्रमांक 1200 में दो मादा बंदरों के अवैध शिकार का मामला सामने आया। मामले में वन विभाग ने वन अपराध प्रकरण (पीओआर) क्रमांक 23/19, दिनांक 26 अक्टूबर 2026 के तहत वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत कार्रवाई की।
इन तीन आरोपियों पर हुई कार्रवाई
वन विभाग की कार्रवाई में ओडिशा के नबरंगपुर जिले के रायघर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कबाटपानी निवासी भूसा (50 वर्ष), बनमाली सांता (51 वर्ष) एवं सोलंदर सांता (26 वर्ष) को आरोपी बनाया गया है।
तीनों आरोपियों को माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, गरियाबंद के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें 5 नवंबर 2026 तक न्यायिक रिमांड पर जिला जेल गरियाबंद में दाखिल कराया गया।
वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल
आरक्षित वन क्षेत्र में वन्यजीवों का अवैध शिकार वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में कानून के तहत कार्रवाई महत्वपूर्ण है।
वन्यजीवों के संरक्षण और जंगलों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की सतर्कता एवं प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।
रिपोर्ट नेहरू साहू जिला ब्यूरो गरियाबंद







