डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
मड़ियारास राइस मिल में भी पहले सरकारी धान महाराष्ट्र भेजने के लगे थे आरोप, जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी स्थिति
डिंडौरी, 26 अक्टूबर। जिले में धान के परिवहन और भंडारण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बजाग क्षेत्र के हर्रा गाडासरई स्थित खनूजा वेयर हाउस से धान का कथित तौर पर अवैध परिवहन कर दूसरे राज्य में सप्लाई किए जाने की सूचना पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खनूजा वेयर हाउस से धान को दूसरे राज्य में भेजे जाने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। कार्रवाई के दौरान संयुक्त कलेक्टर भारती मेरावी, एसडीएम बजाग पुष्पेंद्र अहके, एसडीओपी बजाग विवेक गौतम सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से मामले में आवश्यक कार्रवाई की गई है। हालांकि, परिवहन किए जा रहे धान की मात्रा, वाहनों की संख्या और जांच में सामने आए तथ्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
पहले भी उठ चुके हैं सरकारी धान के परिवहन पर सवाल
खनूजा वेयर हाउस का मामला सामने आने के बाद मड़ियारास स्थित एक राइस मिल से जुड़ा पुराना मामला भी चर्चा में है। पूर्व में यहां से सरकारी धान महाराष्ट्र भेजे जाने के आरोप एक ट्रक चालक द्वारा लगाए गए थे। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि और जांच की वर्तमान स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
लगातार सामने आ रही ऐसी शिकायतों के बीच सरकारी धान के भंडारण, परिवहन और निर्धारित गंतव्य तक उसकी आपूर्ति की व्यवस्था पर निगरानी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। सरकारी धान की खरीदी और भंडारण से जुड़ी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
जांच से स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
यदि धान का परिवहन निर्धारित नियमों के विपरीत किया गया है, तो यह जांच का गंभीर विषय है। ऐसे में मौजूदा मामले में परिवहन से संबंधित दस्तावेजों, धान के स्रोत, निर्धारित गंतव्य और संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण होगी। साथ ही, मड़ियारास राइस मिल से जुड़े पूर्व आरोपों की स्थिति भी स्पष्ट किया जाना जरूरी है।
फिलहाल, खनूजा वेयर हाउस से धान के कथित अवैध परिवहन के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई के बाद जांच के निष्कर्षों का इंतजार है। जांच पूरी होने और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि धान का परिवहन किन परिस्थितियों में किया जा रहा था और इस मामले में किसी नियम का उल्लंघन हुआ है या नहीं।








