5 सितंबर को राज्यपाल रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में होगा सम्मान समारोह, नवाचार और समर्पित शिक्षण से दोनों शिक्षकों ने बनाई अलग पहचान
गरियाबंद। शिक्षक दिवस 5 सितंबर गरियाबंद जिले के शिक्षा जगत के लिए गौरव और उपलब्धि का दिन बनने जा रहा है। जिले की प्राथमिक शाला आसरा की शिक्षिका श्रीमती ओमेश्वरी साहू तथा प्राथमिक शाला अमलीपदर के शिक्षक श्री अनिल कुमार अवस्थी का चयन वर्ष 2025-26 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए हुआ है। दोनों शिक्षक 5 सितंबर को रायपुर स्थित लोकभवन के छत्तीसगढ़ मंडपम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में सम्मानित होंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार गरियाबंद से इन दोनों शिक्षकों का चयन राज्य शिक्षक सम्मान के लिए किया गया है।
यह सम्मान महज एक पुरस्कार नहीं, बल्कि ग्रामीण और सरकारी विद्यालयों में नवाचार, समर्पण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की राज्य स्तर पर स्वीकृति है।
नवाचार को बनाया शिक्षा का सशक्त माध्यम
श्रीमती ओमेश्वरी साहू ने शिक्षण को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि गतिविधि आधारित एवं नवाचारपूर्ण शिक्षा को अपना आधार बनाया। बच्चों में सीखने की रुचि, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति क्षमता विकसित करने के लिए उन्होंने निरंतर नए प्रयोग किए। उनके इसी समर्पण और उल्लेखनीय शैक्षणिक कार्यों के चलते उन्हें विभिन्न अवसरों पर मुख्यमंत्री गौरव अलंकार, विद्या अमृत महोत्सव पुरस्कार, रोल मॉडल स्कूल पुरस्कार तथा टीएलएम जिला स्तरीय पुरस्कार सहित अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
कोरोना काल में भी नहीं थमने दी शिक्षा की रफ्तार
श्रीमती साहू की कार्यशैली का सबसे उल्लेखनीय उदाहरण कोरोना काल रहा। विद्यालय बंद होने के बावजूद उन्होंने तकनीक को शिक्षा का माध्यम बनाते हुए विद्यार्थियों को पढ़ाई से जोड़े रखा और लगभग 500 ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से बच्चों की शिक्षा को निरंतर जारी रखा। वर्ष 2023-24 में ‘बोलेगा बचपन’ तथा वॉरियर्स सम्मान सहित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही।
साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर शिक्षा के क्षेत्र में राज्य स्तर पर पहचान बनाना उनकी उपलब्धियों को और भी प्रेरणादायी बनाता है।
अनिल अवस्थी ने गतिविधियों से संवारी विद्यालय की तस्वीर
वहीं प्राथमिक शाला अमलीपदर के शिक्षक श्री अनिल कुमार अवस्थी ने भी नवाचार और गतिविधि आधारित शिक्षा के माध्यम से विद्यालय को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बालिका शिक्षा के प्रति विशेष समर्पण के साथ उन्होंने विद्यालय में ‘जादुई पिटारा’, मुस्कान पुस्तकालय, किचन गार्डन, स्मार्ट क्लास एवं वृक्षारोपण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया।
उनके प्रयासों को विकासखंड से लेकर जिला स्तर तक लगातार सराहना मिली है। उन्हें मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण एवं शिक्षा दूत सम्मान, शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए विकासखंड एवं जिला स्तरीय सम्मान, विनोबा टीम द्वारा जिला स्तरीय ‘पोस्ट ऑफ द मंथ’ पुरस्कार तथा ‘कबाड़ से जुगाड़’ विज्ञान प्रदर्शनी में विकासखंड एवं जिला स्तरीय सम्मान प्राप्त हो चुका है।
इसके अलावा राजिम मेला में शिक्षा विभाग के स्टॉल पर टीएलएम (सहायक शिक्षण सामग्री) प्रदर्शन में उत्कृष्ट कार्य के लिए लगातार तीन वर्षों तक सम्मानित किया जाना उनके नवाचारी शिक्षण प्रयासों की निरंतरता को दर्शाता है।
दो शिक्षकों का सम्मान, पूरे गरियाबंद का गौरव
ओमेश्वरी साहू और अनिल कुमार अवस्थी का राज्य शिक्षक सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि गरियाबंद जिले की शैक्षणिक प्रतिभा, सरकारी विद्यालयों की क्षमता और जिले के समर्पित शिक्षक समुदाय का गौरव है।
इन दोनों शिक्षकों ने अपने कार्यों से यह संदेश दिया है कि संसाधनों की सीमाएं प्रतिभा और संकल्प की राह नहीं रोक सकतीं। यदि शिक्षक अपने दायित्व को मिशन की तरह निभाए, तो ग्रामीण क्षेत्र का सरकारी विद्यालय भी नवाचार, गुणवत्ता और उपलब्धियों का केंद्र बन सकता है।
5 सितंबर को राज्य मंच पर गरियाबंद के इन दोनों शिक्षकों का सम्मान निश्चित रूप से जिले के लिए गौरव का क्षण होगा और दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में शिक्षा की अलख जगा रहे सैकड़ों शिक्षकों के लिए नई प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत बनेगा।
रिपोर्ट नेहरू साहू जिला ब्यूरो पुलिस वाला न्यूज गरियाबंद






